पलामू का निराला लता मंगेशकर चौक, जहां ट्रैफिक नहीं संगीत थाम लेता है राहगीरों के कदम झारखंड एक महीने पहले 20
झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में बना लता मंगेशकर चौक अब शहर की सांस्कृतिक पहचान बन गया है, जहां दिनभर स्वर कोकिला के गीत गूंजते रहते हैं।

झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में बना लता मंगेशकर चौक इन दिनों लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह चौक न सिर्फ शहर की सुंदरता बढ़ा रहा है, बल्कि संगीत के माध्यम से राहगीरों के मन को सुकून भी दे रहा है।

भारत रत्न लता मंगेशकर को समर्पित

नगर निगम ने इस चौक का निर्माण भारत रत्न स्वर्गीय लता मंगेशकर की स्मृति और सम्मान में कराया है। स्वर कोकिला के नाम पर बने इस स्थान को आम लोगों के साथ-साथ संगीत प्रेमियों ने भी हाथों-हाथ लिया है।

वीणा की प्रतिकृति और सांस्कृतिक झलक

चौक पर एक विशाल वीणा की प्रतिकृति स्थापित की गई है, जो दूर से ही लोगों का ध्यान खींचती है। इसके साथ हरियाली और भारतीय संस्कृति को दर्शाती कलाकृतियां भी यहां सजाई गई हैं, जो इस जगह को और भी खास बनाती हैं।

दिनभर गूंजते सदाबहार गीत

यहां लगे आधुनिक स्पीकरों पर दिनभर लता जी के सदाबहार गीत बजते रहते हैं। इन मधुर स्वरों की वजह से रास्ते से गुजरने वाले लोग और स्थानीय निवासी कुछ पल ठहरकर सुकून का अनुभव करते हैं।

शहर की नई सांस्कृतिक पहचान

करीब 68 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया यह स्थान अब मेदिनीनगर की सांस्कृतिक पहचान के रूप में उभर चुका है। संगीत से जुड़ाव रखने वाले लोगों के लिए यह चौक एक विशेष ठिकाना बन गया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप