पलामू की बेटी स्नेहा पाण्डेय ने पास की बार काउंसिल परीक्षा, अधिवक्ता बनकर अब जज बनने की तैयारी झारखंड एक महीने पहले 50
झारखंड के पलामू जिले की स्नेहा पाण्डेय ने ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) में सफलता हासिल कर अधिवक्ता बनने का गौरव प्राप्त किया है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय कठिन परिश्रम और अपने दिवंगत चाचा से मिली प्रेरणा को दिया है।

सफलता का नया सोपान

आज के दौर में बेटियां हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत साबित कर रही हैं और इसी गौरवशाली क्रम में झारखंड के पलामू जिले की बेटी स्नेहा पाण्डेय का नाम प्रमुखता से सामने आया है। स्नेहा ने ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन यानी AIBE की कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण कर अधिवक्ता बनने का गौरव प्राप्त कर लिया है। इस सफलता के साथ ही अब स्नेहा देश की किसी भी अदालत में वकालत करने के लिए पूरी तरह से अधिकृत और पात्र हो गई हैं। उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ उनके परिवार में खुशी का माहौल है, बल्कि पूरे पलामू और हुसैनाबाद क्षेत्र के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

शैक्षणिक सफर और संघर्ष

स्नेहा पाण्डेय पलामू के पत्रकार जयनन्दन पाण्डेय की सुपुत्री हैं। उनकी शिक्षा-दीक्षा की नींव पलामू में ही पड़ी। स्नेहा ने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा जपला स्थित उद्यम पब्लिक स्कूल से सीबीएसई बोर्ड के तहत पूरी की। इसके बाद उन्होंने हैदरनगर के प्लस-टू विद्यालय से अपनी इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2021 में उन्होंने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट यानी CLAT में सफलता पाई और देहरादून स्थित उत्तराखंड विश्वविद्यालय में पांच वर्षीय समेकित एलएलबी कोर्स में दाखिला लिया। वर्ष 2026 में उन्होंने शानदार अंकों के साथ एलएलबी की डिग्री पूरी की। इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित AIBE परीक्षा में भी उन्होंने सफलता का परचम लहराया, जिसका परिणाम 20 जुलाई को घोषित किया गया था।

मेहनत और अनुशासन की कहानी

अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए स्नेहा ने बताया कि यह केवल एक डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प का नतीजा है। उन्होंने बताया कि CLAT परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने लगातार तीन महीने तक रोजाना 8 से 10 घंटे तक ऑनलाइन पढ़ाई की थी। इसी अनुशासन के साथ उन्होंने AIBE परीक्षा के लिए करीब 2 महीने तक निरंतर तैयारी की। स्नेहा के अनुसार, पढ़ाई के सफर में कई ऐसे पल आए जब रास्ता कठिन लगा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहीं।

प्रेरणा के स्रोत और भविष्य की राह

कानून की पढ़ाई के क्षेत्र में कदम रखने के पीछे स्नेहा के चाचा, स्वर्गीय बृजनंदन पाण्डेय का विशेष योगदान रहा। वे खुद एक अधिवक्ता थे और उन्हीं की प्रेरणा व प्रोत्साहन ने स्नेहा को वकालत के पेशे को चुनने के लिए प्रेरित किया। स्नेहा ने कहा कि एक स्पष्ट लक्ष्य के साथ की गई ईमानदारी भरी मेहनत हमेशा रंग लाती है। अब स्नेहा का अगला बड़ा लक्ष्य न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर जज बनना है। अपनी आगे की रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि वे अगले 3 वर्षों तक अधिवक्ता के रूप में अदालतों में प्रैक्टिस करेंगी। इसके बाद वे पूर्ण रूप से न्यायिक सेवा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करेंगी ताकि जज बनने के अपने सपने को साकार कर सकें। स्नेहा की इस उपलब्धि पर इलाके के सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़ी हस्तियों ने उन्हें बधाई दी है और इसे अन्य बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप