क्या सुगंधित पौधों से घर की ओर खिंचे चले आते हैं सांप? मानसून में खुद को बचाने के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां झारखंड 2 महीने पहले 78
बरसात के मौसम में सांपों के घरों में आने का डर बढ़ जाता है, जिसे लेकर कई भ्रांतियां सोशल मीडिया पर फैली हुई हैं। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि खुशबू नहीं, बल्कि सुरक्षित वातावरण ही सांपों को आकर्षित करता है।

क्या पौधों की खुशबू से आते हैं सांप

मानसून के दस्तक देते ही सांपों के घरों में निकलने या आसपास आने की घटनाओं में तेजी देखी जाती है। इस दौरान सोशल मीडिया और लोक चर्चाओं में यह बात अक्सर सुनने को मिलती है कि घर में लगे खुशबूदार पौधे सांपों को अपनी ओर बुलाते हैं। हालांकि, इस दावे में कितनी सच्चाई है, यह समझना हर किसी के लिए जरूरी है। पलामू के प्रसिद्ध सर्प विशेषज्ञ डॉ. डी. एस. श्रीवास्तव ने इस विषय पर चल रही चर्चाओं को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी पौधे की सुगंध सांपों को आकर्षित नहीं करती है। यह केवल एक मिथक है जिसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

सांपों को क्या आकर्षित करता है

विशेषज्ञ के अनुसार, सांप किसी गंध के पीछे नहीं बल्कि एक अनुकूल आश्रय की तलाश में आते हैं। सांप एक शीत-रक्त (कोल्ड ब्लडेड) जीव हैं, जिनका शरीर अपने आप तापमान नियंत्रित नहीं कर सकता। इस कारण वे मौसम के अनुकूल ठंडी और नम जगहों की तलाश में रहते हैं। बरसात के दौरान जब उमस बढ़ती है, तो सांप ऐसी जगहों को ढूंढते हैं जो उनके लिए सुरक्षित हो। घने और झाड़ीनुमा पौधों के नीचे का वातावरण काफी ठंडा और नमी वाला होता है, जो सांपों को छिपने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान प्रदान करता है। इसलिए, वे पौधों की महक के कारण नहीं, बल्कि घने पौधों के नीचे मिलने वाले सुरक्षित माहौल के कारण वहां पहुंचते हैं।

बरसात में सक्रियता का कारण

मानसून के आने के साथ ही सांपों की गतिविधियों में इजाफा देखने को मिलता है। इसके पीछे मुख्य कारण उनका जीवन चक्र है। गर्मी के चरम दिनों में कई सांप एस्टिवेशन की स्थिति में चले जाते हैं, जो उनके निष्क्रिय रहने का समय होता है। जैसे ही पहली बारिश होती है और उमस बढ़ती है, वे बाहर निकलकर भोजन की तलाश और सुरक्षित ठिकानों की खोज शुरू कर देते हैं। यदि किसी के बगीचे या घर के आसपास घास, खरपतवार या कबाड़ जमा हो, तो वहां सांपों के डेरा डालने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।

पौधों से जुड़े भ्रम का सच

समाज में यह धारणा गहरे तक बैठी है कि लेमनग्रास, बेला, चमेली या चंदन जैसे खुशबूदार पेड़-पौधे लगाने से सांप घर की ओर आकर्षित होते हैं। डॉ. डी. एस. श्रीवास्तव ने इन सभी दावों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि कोई भी पौधा ऐसा नहीं है जिसकी महक सांपों को बुलाने का काम करती हो। सांप को केवल एक ऐसे छिपने के स्थान की जरूरत होती है जहां उसे कोई बाहरी खतरा न हो और उसे उचित तापमान मिल सके। बगीचे का हरा-भरा होना या उसमें खुशबू होना सांपों के लिए कोई मायने नहीं रखता।

सांपों से सुरक्षा के प्रभावी उपाय

मानसून के दौरान अपने घर और आसपास के परिसर को सुरक्षित रखने के लिए विशेषज्ञ ने कुछ सरल और व्यावहारिक सुझाव दिए हैं:

  • नियमित सफाई: घर के बगीचे और आसपास के क्षेत्र में उगी अनावश्यक झाड़ियों, खरपतवार और सूखी पत्तियों को समय रहते साफ करते रहें।
  • खुला परिसर: अपने घर के आसपास जमीन से कम से कम 8 इंच तक के हिस्से को पूरी तरह साफ और खुला रखें ताकि कोई भी जीव वहां छिपे तो वह तुरंत नजर आ सके।
  • कबाड़ न रखें: लकड़ी, ईंटों के ढेर, पत्थरों या किसी भी प्रकार के कबाड़ को घर के पास इकट्ठा न होने दें, क्योंकि ये सांपों के छिपने के लिए आदर्श स्थान होते हैं।
  • बगीचे की देखभाल: पौधों की छंटाई नियमित रूप से करें ताकि वे बहुत ज्यादा घने या झाड़ीनुमा न बनें।

कुल मिलाकर, सांपों से बचने का सबसे अच्छा तरीका डरना नहीं, बल्कि सतर्कता और अपने आसपास सफाई रखना है। यदि आप अपने बगीचे को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखते हैं, तो सांपों के छिपने की संभावनाएं काफी हद तक समाप्त हो जाती हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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