पाकिस्तान में टिकटॉकर के कार्यक्रम में मौत का तांडव: गेट खुलते ही मची भगदड़, एक की गई जान विश्व एक घंटा पहले 5
पाकिस्तान के सियालकोट में एक टिकटॉकर के कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ में एक व्यक्ति की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। भीड़ को संभालने में हुई भारी चूक के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सियालकोट में टिकटॉकर का कार्यक्रम बना काल

पाकिस्तान के सियालकोट जिले में सोशल मीडिया सेलिब्रिटी का क्रेज उस समय खौफनाक मंजर में बदल गया, जब एक कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ में एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह पूरा हादसा शनिवार की रात डस्का रोड पर स्थित फराज क्रिकेट ग्राउंड में हुआ। यहां मशहूर टिकटॉकर मुहम्मद अंसार जट्ट, जो सोशल मीडिया की दुनिया में 'मिस्टर पट्टलो' के नाम से अपनी पहचान रखते हैं, का एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मेहंदी समारोह के साथ-साथ इनाम बांटने का आयोजन भी रखा गया था।

कैसे बिगड़े हालात और क्यों मची अफरा-तफरी

पुलिस की शुरुआती जांच और रेस्क्यू 1122 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सब तब शुरू हुआ जब आयोजकों ने दर्शकों को स्टेडियम के अंदर प्रवेश देने के लिए गेट खोले। गेट खुलते ही बाहर जमा हजारों की भीड़ एक साथ अंदर घुसने के लिए बेकाबू हो गई। इस भारी दबाव के कारण धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कई लोग अपना संतुलन खोकर जमीन पर गिर पड़े। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी और भगदड़ के हालात बन गए। इस दौरान लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, जिससे स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गई।

हादसे में एक की मौत और कई घायल

इस दुखद घटना में 30 वर्षीय मुहम्मद अकील की जान चली गई। रेस्क्यू 1122 के अधिकारियों के अनुसार, अकील को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस हादसे में घायल होने वाले लोगों की संख्या सरकारी आंकड़ों के अनुसार 13 से अधिक है। घायलों को तुरंत अल्लामा इकबाल मेमोरियल टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनमें से ज्यादातर को छुट्टी दे दी गई, हालांकि कुछ का उपचार अभी भी जारी है। रेस्क्यू 1122 ने जानकारी दी है कि घायल हुए लोगों की उम्र 22 से 51 वर्ष के बीच है।

अलग-अलग जिलों से पहुंचे थे प्रशंसक

इस कार्यक्रम का आकर्षण इतना अधिक था कि इसमें शामिल होने के लिए लोग सिर्फ सियालकोट से ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अन्य दूरदराज के जिलों से भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। इनमें नारोवाल, गुजरांवाला, शेखूपुरा, खानवेल, ओकारा, गुजरात और बहावलपुर जैसे जिलों के निवासी शामिल थे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के बावजूद सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम नाकाफी साबित हुए, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा हुआ।

स्थानीय लोगों के दावे और प्रशासन की कार्रवाई

हालांकि सरकारी आंकड़े 13 से अधिक घायलों की पुष्टि कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय निवासियों ने एक अलग ही तस्वीर पेश की है। सियालकोट के निवासी मुहम्मद आसिफ और आमिर अली ने दावा किया है कि इस हादसे में घायलों की संख्या 40 से कहीं ज्यादा हो सकती है। उनका तर्क है कि रेस्क्यू टीमों के पहुंचने से पहले ही काफी संख्या में घायलों को आसपास के निजी अस्पतालों और छोटे क्लीनिकों में उपचार के लिए ले जाया गया था। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने कार्यक्रम के आयोजकों की सुरक्षा व्यवस्था और इंतजामों पर सवाल खड़े करते हुए मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी भीड़ के प्रबंधन के लिए आवश्यक अनुमति और सुरक्षा मानक क्यों नहीं अपनाए गए थे।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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