गुनहगारों के बजाय मासूम पर बरसीं गोलियां: पाकिस्तान पुलिस ने ऑस्ट्रेलियाई बच्ची को मार डाला, पिता भी गंभीर विश्व एक घंटा पहले 2
पाकिस्तान के चकवाल में पंजाब पुलिस के एलीट कमांडोज ने एक ऑस्ट्रेलियाई-पाकिस्तानी परिवार को लुटेरा समझकर गोलियां चला दीं, जिसमें पर्थ की रहने वाली 9 वर्षीय हानिया अहमद की मौत हो गई। हादसे के बाद ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने पारदर्शी जांच की मांग की है।

एक ओर बंदूक ताने खड़े बेखौफ लुटेरे और दूसरी ओर सुरक्षा की ढाल बनने के बजाय खुद कहर बनकर टूटी पुलिस। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से सामने आई एक दिल दहला देने वाली वारदात ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। पंजाब पुलिस की एलीट फोर्स के कमांडो ने सरहद पार से अपने वतन घूमने आए एक बेकसूर ऑस्ट्रेलियाई-पाकिस्तानी परिवार को डाकू समझकर उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं।

इस लापरवाह फायरिंग में चौथी कक्षा में पढ़ने वाली 9 साल की मासूम हानिया अहमद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके पिता और भाई जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस खौफनाक मंजर ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पाकिस्तान में कानून-व्यवस्था के तमाम दावों की पोल भी खोलकर रख दी है।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा

यह घटना बुधवार को पंजाब प्रांत के चकवाल शहर में उस समय घटी, जब ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से आए 39 वर्षीय अदील अहमद का परिवार अपनी रेंटल कार से सफर कर रहा था। रास्ते में बंदूकधारी बदमाशों ने उन्हें गनपॉइंट पर लूटने की कोशिश की। अपनी जान बचाने की कोशिश में अदील ने कार को तेजी से आगे भगाया।

इसी अफरा-तफरी के दौरान मौके पर पहुंची पंजाब पुलिस की एलीट फोर्स के कमांडो ने एक भयानक और अक्षम्य चूक कर दी। पुलिसकर्मियों ने पीड़ित परिवार की कार को ही लुटेरों की गाड़ी समझ लिया और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां दाग दीं। इस गोलीबारी में 9 वर्षीय हानिया अहमद की जान चली गई, जबकि उसके पिता अदील और 11 वर्षीय भाई आफन गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत रही कि बच्ची की मां इस हमले में बाल-बाल बच गईं। रविवार को पंजाब पुलिस के क्राइम कंट्रोल डिपार्टमेंट ने इस गलती को स्वीकार करते हुए बयान जारी किया।

गोली कांड की 5 अहम बातें

  1. मासूम की मौत: पुलिस की अंधाधुंध फायरिंग में ऑस्ट्रेलिया के पर्थ की रहने वाली चौथी कक्षा की 9 वर्षीय छात्रा हानिया अहमद की जान चली गई।
  2. पिता और भाई गंभीर: फायरिंग में बच्ची के पिता अदील अहमद और 11 साल के भाई आफन को गंभीर चोटें आईं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
  3. गलत पहचान: पंजाब पुलिस की एलीट फोर्स के जवान ने हड़बड़ाहट में पीड़ित परिवार की कार को ही भागते बदमाशों की गाड़ी समझ लिया और ट्रिगर दबा दिया।
  4. ऑस्ट्रेलियाई पीएम का सख्त रुख: प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए पाकिस्तान से पारदर्शी और गहन जांच की मांग की है।
  5. आरोपी हिरासत में: गोली चलाने वाले पुलिस अधिकारी को हिरासत में ले लिया गया है, वहीं एक अलग मुठभेड़ में दो असली लुटेरों के मारे जाने का दावा किया गया है।

पुलिस की ट्रेनिंग पर उठे सवाल

यह घटना पाकिस्तान पुलिस, खासकर पंजाब पुलिस की ट्रेनिंग, मानसिक स्थिति और संकट के समय सही फैसला लेने की क्षमता पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। एलीट फोर्स जैसी कमांडो यूनिट से उम्मीद की जाती है कि वह किसी भी स्थिति में दोस्त और दुश्मन की पहचान करने के बाद ही हथियार का इस्तेमाल करे। लेकिन इस मामले में पुलिस ने बिना सोचे-समझे सीधे गाड़ी पर गोलियां बरसा दीं, जिससे साफ है कि वहां 'शूट टू किल' की मानसिकता हावी है।

कूटनीतिक मुद्दा बनी घटना

इस वारदात ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को गहरा झटका दिया है। जब विदेशी नागरिक या प्रवासी अपने ही वतन में सुरक्षित नहीं हैं, तो वहां पर्यटन और विदेशी निवेश की बात करना बेमानी है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री का सीधे हस्तक्षेप यह दर्शाता है कि यह अब केवल एक स्थानीय अपराध नहीं, बल्कि दो देशों के बीच का कूटनीतिक मामला बन चुका है। पाकिस्तान सरकार के लिए अब इस जांच में पारदर्शिता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।

सवाल-जवाब

पाकिस्तान में ऑस्ट्रेलियाई परिवार के साथ क्या हुआ?

चकवाल में पंजाब पुलिस के कमांडो ने एक ऑस्ट्रेलियाई परिवार को गलती से लुटेरा समझ लिया और उनकी कार पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें 9 साल की बच्ची की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए।

मृत बच्ची कौन थी और कहां की रहने वाली थी?

मृत बच्ची का नाम हानिया अहमद था, जिसकी उम्र 9 साल थी। वह चौथी कक्षा की छात्रा थी और अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से पाकिस्तान आई थी।

पुलिस ने पीड़ित परिवार पर गोलियां क्यों चलाईं?

असली लुटेरे परिवार को गनपॉइंट पर लूट रहे थे। जान बचाने के लिए जब परिवार ने कार भगाई, तो मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा कि कार में लुटेरे भाग रहे हैं और गलत पहचान के कारण गोलीबारी कर दी।

ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने क्या कहा?

उन्होंने घटना पर गहरा दुख जताया और कहा कि उनकी सरकार पाकिस्तान से इस पूरे मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की उम्मीद करती है।

दोषी पुलिसकर्मियों और असली लुटेरों पर क्या कार्रवाई हुई?

फायरिंग करने वाले पुलिस अधिकारी को हिरासत में ले लिया गया है और जांच जारी है। वहीं पुलिस ने दावा किया है कि एक अलग मुठभेड़ में दो असली लुटेरे मारे गए हैं।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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