शौचालय पर टैक्‍स! पाकिस्तान की पंजाब सरकार का एक और हैरान करने वाला फैसला विश्व 2 घंटे पहले 2
पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने कमर्शियल संस्थानों के हर शौचालय पर 2,500 रुपये का सीवरेज टैक्स लगा दिया है। अस्पतालों और कंपनियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं और भुगतान न करने पर FIR तक दर्ज की जा रही है।

पाकिस्तान में सरकारें अक्सर अपने अजीबोगरीब फैसलों से लोगों को चौंकाती रही हैं, लेकिन इस बार पंजाब सरकार का एक नया निर्णय चर्चा और हंसी दोनों का विषय बन गया है। प्रांतीय सरकार ने कचरा पैदा करने वाले संस्थानों पर शौचालय टैक्स लागू कर दिया है। इसके तहत अब कंपनियों, फैक्ट्रियों और इसी तरह के संस्थानों को अपने हर शौचालय के लिए 2,500 रुपये का टैक्स चुकाना होगा। इससे कुछ महीने पहले इसी सरकार ने ‘गोबर टैक्स’ (dung tax) भी लागू किया था।

भुगतान न करने पर दर्ज हो रही FIR

वाटर एंड सैनिटेशन एजेंसी (WASA) ने कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों को निशाने पर लिया है और भुगतान न करने की स्थिति में FIR दर्ज की जा रही है। रहीम यार खान के अस्पतालों को शौचालय टैक्स चुकाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। यहां के लाला इकबाल अस्पताल को उसके 15 शौचालयों के लिए हर महीने 37,500 रुपये का बिल भेजा गया है। वहीं नासिर मेडिकल कॉम्प्लेक्स को 17 शौचालयों के लिए 62,500 रुपये का बिल थमाया गया है।

अस्पतालों और क्लीनिकों को भी नोटिस

इसके अतिरिक्त निजी सर्जिकल अस्पतालों को भी प्रत्येक शौचालय के हिसाब से 2,500 रुपये के टैक्स नोटिस भेजे गए हैं। WASA के अनुसार, डॉक्टर्स हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर को 12,500 रुपये का टैक्स बिल जारी किया गया है। टैक्स न चुकाने पर एक निजी सर्जिकल क्लिनिक के खिलाफ FIR भी दर्ज की जा चुकी है।

कैबिनेट ने दी है औपचारिक मंजूरी

WASA के डिप्टी डायरेक्टर आमिर नवीद ने स्पष्ट किया कि यह असल में सीवरेज टैक्स है, जिसे कैबिनेट ने औपचारिक रूप से मंजूरी दी है। उन्होंने यह भी बताया कि यह टैक्स केवल कमर्शियल इलाकों में ही लागू किया जाएगा।

नए राजस्व उपायों पर विवाद

यह कदम पंजाब सरकार द्वारा एक नया रेवेन्यू उपाय घोषित करने के बाद उठाया गया है, जो प्रांत के सबसे बुनियादी कृषि उत्पाद यानी पशुओं के कचरे को लक्ष्य बनाता है। हालांकि सरकार ने इसे क्लीन पंजाब बायोगैस प्रोग्राम के तहत एक ग्रीन एनर्जी पहल के रूप में पेश किया, लेकिन इस फैसले ने मजाक और नाराजगी दोनों का माहौल बना दिया। विपक्षी नेताओं और किसानों ने इसे पूरी तरह आर्थिक तंगी की निशानी करार दिया है।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!