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एक घंटा पहले
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भारत की ओर से फुटबॉल खेलने का ख्वाब देखने वाले पिता जमशेद थाचंकंडी यह सपना भले ही पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनका बेटा अब फीफा वर्ल्ड कप के मैदान पर उतरने जा रहा है। 19 साल के तहसीन मोहम्मद कतर की उस टीम का हिस्सा हैं, जो इस बार फुटबॉल के इस महाकुंभ में हिस्सा लेने वाली है। यह वही बेटा है, जो महज चार साल की उम्र में दोहा के स्थानीय स्टेडियम में डगआउट के पास बैठकर हर शुक्रवार अपने पिता को खेलते हुए निहारता था।
कालीकट से दोहा तक का सफर
कालीकट के रहने वाले जमशेद थाचंकंडी 1996 में अपनी पत्नी शायमा के साथ दोहा चले गए थे। शायमा वलापत्तनम से ताल्लुक रखती हैं। चोट के कारण जमशेद का फुटबॉल करियर अधूरा रह गया था और दोहा पहुंचकर उन्होंने लकड़ी के कारोबार में मन लगा लिया तथा खेल को पीछे छोड़ दिया।
कतर में शुक्रवार की छुट्टी होती है। इस दिन जमशेद अपने दोस्तों और सहकर्मियों के साथ स्थानीय स्टेडियम में समय बिताते थे और उनका छोटा बेटा भी साथ जाता था। जमशेद आज भी उन पलों को याद करते हैं।
वह डगआउट के पास बैठा रहता था। बाद में वह मुझसे और मेरे दोस्तों से कहता कि उसके साथ ड्रिब्लिंग करें, ताकि वह फुटबॉल सीख सके। यही उसका पहला कदम था।
पिता का अधूरा सपना, बेटे की उड़ान
तहसीन के पिता के लिए राह कभी आसान नहीं रही। साल 1992 में जमशेद का चयन इंडिया यूथ फुटबॉल कैंप के लिए हुआ था, लेकिन राष्ट्रीय टीम का बुलावा उनके हाथ से फिसल गया। तीस साल से भी अधिक समय बाद अब उनके 19 साल के बेटे के पास वह मौका है, जो कभी उन्हें नहीं मिल सका।
फीफा वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई कतर की 26 सदस्यीय टीम में जगह पाकर तहसीन बेहद उत्साहित हैं। वे विदेशी टीम के लिए इस टूर्नामेंट में खेलने वाले दूसरे भारतीय मूल के खिलाड़ी होंगे। इससे पहले 2006 में विकाश धोरासू ने फ्रांस के लिए खेला था और उसके बाद किसी भारतीय मूल के खिलाड़ी ने इस टूर्नामेंट में जगह नहीं बनाई थी।
अकादमी से लेकर पेशेवर करियर तक
डगआउट से शुरू हुआ सफर शेख फैसल बिन कासिम स्पोर्ट्स एकेडमी तक पहुंचा। वहां से 2017 में तहसीन अल-दुहैल एससी की सब-जूनियर टीम में शामिल हुए और फिर कतर के एलीट फुटबॉल डेवलपमेंट प्रोग्राम, एस्पायर एकेडमी का हिस्सा बने। क्लब की बस उन्हें सुबह लेने आती और शाम को घर छोड़ जाती।
घरवालों के मुताबिक वे सिर्फ फुटबॉल की ही बातें किया करते थे। फॉरवर्ड के अलावा वे लेफ्ट विंगर और राइट विंगर की भूमिका भी निभाते थे। साल 2023 में उन्होंने कतर के लिए अंडर-17 में डेब्यू किया और अगले साल अंडर-19 में भी खेले।
2024 में तहसीन ने कतर स्टार्स लीग में अल-दुहैल एससी के लिए अपना प्रोफेशनल सीनियर डेब्यू किया। उन्होंने पूर्व प्रीमियर लीग मिडफील्डर इब्राहिमा डियालो की जगह मैदान पर कदम रखा। इसके दो महीने बाद उन्हें कतर की सीनियर टीम में बुला लिया गया।
17 साल की उम्र में सीनियर डेब्यू
सितंबर 2024 में 17 साल, 11 महीने और 21 दिन की उम्र में तहसीन ने सऊदी अरब में अफगानिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप क्वालिफायर के साथ कतर के लिए सीनियर अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। इसी अभियान में कतर का सामना भारत से भी हुआ और वह मुकाबला 0-0 से बराबरी पर समाप्त हुआ। उस मैच के दौरान जमशेद स्टैंड में मौजूद थे। इसके बाद तहसीन ने जिम्बाब्वे और आयरलैंड के खिलाफ फ्रेंडली मुकाबले खेले और कतर अंडर-23 टीम का भी हिस्सा रहे।
रोनाल्डो के दीवाने हैं तहसीन
तहसीन ने 2022 के वर्ल्ड कप को स्टेडियमों में बैठकर देखा था। वे क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बड़े प्रशंसक हैं और उन्होंने पुर्तगाल के हर मुकाबले को फॉलो किया। ग्रुप स्टेज में उन्होंने मेजबान कतर का भी उत्साह बढ़ाया, हालांकि वह टीम बाहर हो गई थी। लेकिन इस बार तहसीन खुद मैदान पर होंगे।
कतर का वर्ल्ड कप कार्यक्रम
कतर 13 जून को सैन फ्रांसिस्को में स्विट्जरलैंड के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलेगा। इसके बाद उसका सामना कनाडा तथा बोस्निया एंड हर्जेगोविना से होगा। टीम ने पिछले अक्टूबर में यूएई को 2-1 से हराकर वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया था और इस समय टीम की कमान कोच जुलियन लोपेटेगुई के हाथों में है।
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