क्रिकेट के मैदान पर अंपायर राहुल भानु का अनोखा जलवा, अपने अंदाज से जीत रहे हैं लाखों दिलों की धड़कन खेल एक महीने पहले 81
बिहार के दरभंगा के रहने वाले अंपायर राहुल भानु अपने अतरंगी और मनोरंजक फैसलों के कारण सोशल मीडिया पर छा गए हैं। सुरेश शर्मा मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान उनके स्टाइल ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

मैदान में अंपायर का अनूठा अंदाज

बिहार के समस्तीपुर जिले में हाल ही में संपन्न हुए सुरेश शर्मा मेमोरियल डबल बुलेट क्रिकेट टूर्नामेंट में खेल के रोमांच के अलावा एक और चीज ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। वह थे अंपायर राहुल भानु, जिनकी अंपायरिंग करने की शैली आम अंपायरों से बिल्कुल जुदा है। आमतौर पर क्रिकेट के मैदान में अंपायर बेहद गंभीर मुद्रा में नजर आते हैं, लेकिन राहुल भानु ने अंपायरिंग को मनोरंजन का जरिया बना लिया है। चाहे आउट देने का तरीका हो या चौके-छक्के के सिग्नल, उनका हर फैसला एक शानदार प्रदर्शन जैसा होता है। इसी वजह से दर्शकों ने उन्हें हाथों-हाथ लिया और उनकी लोकप्रियता सोशल मीडिया के जरिए आसमान छू रही है।

बिहार की माटी से है गहरा रिश्ता

इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमों ने अलग-अलग राज्यों से आकर हिस्सा लिया था, लेकिन सभी की चर्चाओं के केंद्र में राहुल भानु ही रहे। सोशल मीडिया पर उनके वायरल हो रहे वीडियो को देखकर अक्सर लोग यह अनुमान लगाते हैं कि वह उत्तर प्रदेश या पश्चिम बंगाल के रहने वाले होंगे, लेकिन सच कुछ और ही है। खुद राहुल भानु ने अपनी पहचान का खुलासा करते हुए बताया कि वह मूल रूप से बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र के दरभंगा जिले के निवासी हैं। उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह बिहार की धरती से ताल्लुक रखते हैं और अपने राज्य का नाम पूरे देश में रोशन कर रहे हैं।

कई राज्यों में बिखेर चुके हैं जलवा

राहुल भानु केवल बिहार तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने अब तक हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में आयोजित कई क्रिकेट प्रतियोगिताओं में अपनी अंपायरिंग का लोहा मनवाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्रिकेट महज नियमों और कायदों का खेल नहीं है, बल्कि यह खेल प्रेमियों के लिए मनोरंजन का एक बड़ा माध्यम भी है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने फैसलों में अभिनय का तड़का लगाना शुरू किया। उनके इसी निराले अंदाज के कारण आज इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब शॉर्ट्स पर उनके वीडियो को लाखों-करोड़ों बार देखा जा रहा है।

दर्शकों की तालियां ही असली कमाई

राहुल भानु का मानना है कि अंपायरिंग के दौरान मैदान पर मौजूद दर्शकों की तालियां और उनकी खुशी ही उनके लिए सबसे बड़ा इनाम है। उन्होंने बताया कि वह कई बार मैच के दौरान अपने खास अंदाज में ही विजेताओं को ट्रॉफी या पुरस्कार सौंपते हैं, जिससे मैच का माहौल और भी ज्यादा जीवंत हो जाता है। पटोरी के जननायक कर्पूरी स्टेडियम में भी उन्होंने जब भी कोई निर्णय लिया, दर्शक उत्साह से झूम उठे और लोगों ने उनके वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर तुरंत इंटरनेट पर साझा कर दिए।

दो वर्षों में मिली जबरदस्त शोहरत

भले ही राहुल भानु काफी समय से अंपायरिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं, लेकिन पिछले 2 वर्षों में उनकी प्रसिद्धि में भारी उछाल आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने उनकी इस प्रतिभा को एक स्थानीय मैदान से निकालकर पूरे देशभर में पहचान दिला दी है। वे कहते हैं कि दर्शकों का यही प्यार और सम्मान उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। आने वाले समय में भी वह अपने इसी मनोरंजक अंदाज से क्रिकेट प्रेमियों को बांधे रखेंगे और मैदान पर अंपायरिंग के नए आयाम स्थापित करना जारी रखेंगे। उनके वीडियो आज लाखों दर्शकों की पहली पसंद बन चुके हैं, जो उनके नए वीडियो का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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