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एक घंटा पहले
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भारतीय हॉकी के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने रोटरडम में खेले गए एफआईएच पुरुष प्रो लीग मुकाबले में अपना 412वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर पूर्व कप्तान दिलीप टिर्की के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। हालांकि यह यादगार दिन तब फीका पड़ गया जब भारतीय टीम को नीदरलैंड के हाथों 2-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा।
मनप्रीत बने 400 प्लस मैच खेलने वाले इकलौते सक्रिय खिलाड़ी
मनप्रीत सिंह अब दुनिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों के क्लब में शामिल इकलौते सक्रिय खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने 400 से अधिक सीनियर अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। 412 मैचों के साथ उन्होंने टिर्की के राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है, जो उनकी निरंतरता और लंबे समय से जारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कैसा रहा मुकाबला
नीदरलैंड की ओर से माइल्स बुकेन्स ने तीसरे मिनट में, कोएन बिजेन ने 23वें मिनट में और टिमजेन रेयेंगा ने 40वें मिनट में गोल दागे। भारत की ओर से दिलप्रीत सिंह ने नौवें और सुखजीत सिंह ने 33वें मिनट में गोल किए।
भारतीय टीम ने दो बार स्कोर बराबर किया, लेकिन मेजबान नीदरलैंड को निर्णायक गोल करने से नहीं रोक सकी। इसी विजयी गोल ने मनप्रीत के इस खास दिन की चमक को कुछ हद तक कम कर दिया।
दिलीप टिर्की ने दी बधाई
इस ऐतिहासिक अवसर पर हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने मनप्रीत को बधाई देते हुए कहा कि यह एक शानदार उपलब्धि है।
मैं मनप्रीत को इस अहम मुकाम तक पहुंचने पर बधाई देता हूं। यह एक शानदार उपलब्धि है और इतने वर्षों में उनके समर्पण, प्रतिबद्धता और निरंतरता को दिखाती है।
उन्होंने आगे कहा कि वह मनप्रीत को आने वाले मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं देते हैं और उम्मीद करते हैं कि वह और भी कई मौकों पर मैदान पर नजर आएंगे। उन्होंने भारतीय हॉकी में मनप्रीत के लगातार योगदान के लिए आभार भी जताया।
महासचिव ने भी सराहा
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी मनप्रीत की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम के साथ उनका सफर खेल के प्रति उनके अद्भुत समर्पण को दर्शाता है।
412 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलना एक शानदार उपलब्धि है और यह उस निरंतरता का सबूत है जो उन्होंने इतने साल तक देश का सबसे ऊंचे स्तर पर प्रतिनिधित्व करते हुए दिखाई है। मनप्रीत ने वैश्विक मंच पर भारत की वापसी में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने यह भी कहा कि टीम के एक वरिष्ठ सदस्य के रूप में मनप्रीत का नेतृत्व और कठिन परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता ने उन्हें देशभर के उभरते हुए हॉकी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बना दिया है।
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