भारत
एक घंटा पहले
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विचारों
खेती-किसानी में नए प्रयोगों के लिए पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यहां के आलमगंज क्षेत्र में रहने वाली 60 वर्षीय एक महिला किसान ने अपनी मेहनत और सूझबूझ से यह साबित कर दिया है कि सफलता के लिए ऊंची डिग्री से ज्यादा लगन और हौसला मायने रखता है।
तीसरी पास, लेकिन इरादे बुलंद
इस महिला किसान ने महज तीसरी कक्षा तक ही पढ़ाई की है, लेकिन उन्होंने खेती के क्षेत्र में जो मुकाम हासिल किया है, वह बड़ी-बड़ी डिग्रियां रखने वालों के लिए भी मिसाल बन गया है। सीमित संसाधनों और कम पढ़ाई के बावजूद उन्होंने अपने खेत को आमदनी का मजबूत जरिया बना लिया।
10 साल से कर रहीं जैविक खेती
बीते 10 वर्षों से वे लगातार जैविक खेती से जुड़ी हुई हैं। रासायनिक खाद और कीटनाशकों से दूरी बनाकर उन्होंने प्राकृतिक तरीकों को अपनाया, जिसका नतीजा यह हुआ कि उनकी उपज की गुणवत्ता बेहतर हुई और बाजार में अच्छी मांग भी मिली।
5 एकड़ से लाखों की कमाई
वे अपनी 5 एकड़ जमीन पर जैविक खेती करती हैं और इसी से हर साल लाखों रुपये की कमाई कर रही हैं। उनकी यह कामयाबी क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है, जो अब परंपरागत खेती छोड़कर जैविक खेती की ओर रुख करने पर विचार कर रहे हैं।
दूसरों के लिए प्रेरणा
कम उम्र में पढ़ाई छूट जाने और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद इस उम्र में भी सक्रिय रहकर लाखों की कमाई करने वाली यह महिला किसान साबित करती हैं कि सही दिशा में की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
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