भारत
6 घंटे पहले
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महानदी के किनारे हुआ भयानक हमला
ओडिशा के बौद्ध जिले में एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। महानदी के तट पर एक युवक पर अचानक एक विशालकाय मगरमच्छ ने हमला बोल दिया। मगरमच्छ ने युवक को अपने जबड़ों में मजबूती से जकड़ लिया और उसे खींचकर गहरे पानी की ओर ले जाने लगा। जैसे ही युवक की चीखें गूंजीं, वहां मौजूद उसके दो भाइयों ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी। इन दोनों साहसी भाइयों ने करीब डेढ़ घंटे तक मगरमच्छ से लोहा लिया और अंततः अपने भाई को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना रविवार की शाम को हरभंगा ब्लॉक के मराड़ा महानदी घाट पर घटी। इस खौफनाक हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसे तुरंत उपचार के लिए बौद्ध जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
गहरे पानी में खींचने लगा मगरमच्छ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मराड़ा गांव का रहने वाला सुधीर बेहरा रविवार की शाम को महानदी के किनारे गया हुआ था। उसे इस बात का तनिक भी आभास नहीं था कि नदी के शांत पानी के नीचे मौत घात लगाकर बैठी है। जैसे ही सुधीर पानी के पास पहुंचा, एक बड़े मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। मगरमच्छ ने सुधीर को अपने जबड़ों के बीच दबोच लिया और उसे खींचकर नदी के गहरे हिस्से में ले जाने का प्रयास करने लगा। अचानक हुए इस जानलेवा हमले से सुधीर पूरी तरह घबरा गया। उसने खुद को बचाने का भरपूर प्रयास किया और जोर जोर से मदद के लिए चिल्लाने लगा।
भाई की पुकार सुनकर पानी में कूदे छबिंद्र और प्रमोद
सुधीर की चीखें सुनकर उसके भाई छबिंद्र बेहरा और रिश्तेदार भाई प्रमोद प्रधान मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि मगरमच्छ सुधीर को गहरे पानी की तरफ घसीट रहा है। मंजर बेहद खौफनाक था, लेकिन दोनों ने पल भर की भी देरी नहीं की। वे सीधे नदी के गहरे पानी में कूद गए और मगरमच्छ से भिड़ गए। नदी के भीतर डेढ़ घंटे तक जिंदगी और मौत का खेल चलता रहा। एक ओर सुधीर अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर छबिंद्र और प्रमोद मगरमच्छ को पीछे हटाने के लिए जूझ रहे थे। मगरमच्छ भी बार बार पलटकर उन पर हमला कर रहा था और सुधीर को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन दोनों भाइयों ने हिम्मत नहीं हारी।
जांबाज भाइयों के साहस के आगे झुका मगरमच्छ
आखिरकार, दोनों भाइयों की अदम्य इच्छाशक्ति और बहादुरी के आगे मगरमच्छ को हार माननी पड़ी। उसने सुधीर को छोड़ दिया और नदी के गहरे पानी में ओझल हो गया। इस हमले में सुधीर के शरीर पर गंभीर घाव हुए हैं। मगरमच्छ के दांतों और पंजों से वह बुरी तरह लहूलुहान हो गए। घटना के तुरंत बाद परिजन वन्यजीव विभाग के वाहन की मदद से सुधीर को पुरुणाकटक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज किया, लेकिन चोटें गंभीर होने के कारण रविवार रात करीब 8:30 बजे उन्हें बौद्ध जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अस्पताल में चल रहा इलाज
इस पूरी घटना के संबंध में फॉरेस्टर संजय राउत ने बताया कि सुधीर जब नदी किनारे गया, तभी मगरमच्छ ने उसे अपना शिकार बना लिया। मदद की पुकार सुनकर गांव के ही दो व्यक्तियों ने साहस दिखाते हुए नदी में प्रवेश किया और सुधीर को मौत के पंजे से छुड़ाया। वर्तमान में सुधीर का उपचार मेडिकल सेंटर में चल रहा है और डॉक्टरों की टीम उन पर नजर बनाए हुए है।
इलाके में बहादुरी की चर्चा
छबिंद्र बेहरा और प्रमोद प्रधान के साहस की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। अपनी जान को जोखिम में डालकर गहरे पानी में उतरना और एक खूंखार मगरमच्छ का सामना करना कोई छोटी बात नहीं है। इस लंबी लड़ाई के बाद ही सुधीर की जान बच सकी। हालांकि, हमला इतना भीषण था कि सुधीर अब भी गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं, इसी तरह की एक अन्य दुखद घटना बिहार के बगहा में देखने को मिली, जहां एक मगरमच्छ पानी में खींचकर एक किसान की जान ले ली।
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