गर्मी में पैदल जा रही बुजुर्ग को घर छोड़ आए BDO, मानवता की मिसाल बना वीडियो वायरल राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 3
ओडिशा के नबरंगपुर जिले के तेंतुलिखुंटी बीडीओ मनोज पनिग्रही ने भीषण गर्मी में पैदल चल रही एक बुजुर्ग महिला को अपनी सरकारी गाड़ी से घर पहुंचाया और उनके लिए व्हीलचेयर तथा नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करवाई। इस संवेदनशील पहल का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

जून की तपती गर्मी के बीच ओडिशा के एक सरकारी अधिकारी की इंसानियत भरी पहल ने लोगों का दिल जीत लिया है। नबरंगपुर जिले के तेंतुलिखुंटी से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और इसे देखने वाला हर शख्स अधिकारी की तारीफ कर रहा है। लोग न सिर्फ उनकी नेकदिली के कायल हो रहे हैं, बल्कि दूसरे अधिकारियों से भी ऐसा ही व्यवहार अपनाने की अपील कर रहे हैं।

वीडियो में क्या दिखा

वायरल वीडियो में तेंतुलिखुंटी के बीडीओ मनोज पनिग्रही भीषण गर्मी में एक बुजुर्ग महिला की मदद करते नजर आते हैं। महिला को पैदल चलते देख वे अपनी सरकारी गाड़ी रोकते हैं, उन्हें गाड़ी में बैठाते हैं और सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाते हैं। वे यहीं नहीं रुके, बल्कि महिला के लिए व्हीलचेयर समेत कई जरूरी इंतजाम भी करवाए। जैसे ही यह घटना वीडियो के रूप में सामने आई, लोगों ने इसे हाथों-हाथ लिया।

क्या था पूरा मामला

गौड़ागुड़ा गांव की रहने वाली सुंदेई बाग स्वास्थ्य जांच कराने के लिए तेंतुलिखुंटी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पहुंची थीं। जांच के बाद जब घर लौटने के लिए कोई सवारी नहीं मिली तो वे दोपहर की प्रचंड गर्मी में पैदल ही चल पड़ीं। उनके घर का रास्ता करीब तीन किलोमीटर लंबा था, फिर भी कोई व्यवस्था न होने के कारण उन्हें पैदल ही निकलना पड़ा। रास्ते में उनकी हालत देखकर भी कोई मदद के लिए आगे नहीं आया।

इसी दौरान सरकारी काम से लौट रहे बीडीओ मनोज पनिग्रही की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और बुजुर्ग महिला को गाड़ी में बैठाया। उनसे बातचीत कर उनकी पूरी परेशानी समझी और फिर उन्हें सुरक्षित उनके गांव गौड़ागुड़ा तक छोड़ने गए।

व्हीलचेयर और नियमित जांच के आदेश

बीडीओ ने महिला की पूरी जानकारी ली और पाया कि सुंदेई बाग को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्हें पेंशन के साथ-साथ राशन का चावल भी मिल रहा है। मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए बीडीओ ने निर्देश दिए कि बीएसएसओ सुंदेई बाग को तत्काल व्हीलचेयर उपलब्ध कराए। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को महिला के घर जाकर नियमित स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश भी दिए।

बीडीओ ने क्या कहा

इस घटना को लेकर बीडीओ मनोज पनिग्रही ने बताया, “मैं ग्रामीण आवास कार्य से जुड़ी फील्ड विजिट पर गया था। लौटते समय सड़क पर एक बुजुर्ग महिला को पैदल चलते देखा। मैंने गाड़ी रोकी, उन्हें गाड़ी में बैठाया और उनके घर तक छोड़ दिया।”

लोगों ने की जमकर सराहना

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते ही स्थानीय लोगों ने बीडीओ के संवेदनशील व्यवहार की जमकर तारीफ की। उन्होंने इसे दूसरे प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया। लोगों का कहना है कि बीडीओ का यह छोटा-सा कदम बुजुर्गों के प्रति संवेदना और जिम्मेदारी का प्रतीक बन गया है। आम लोगों के मुताबिक, अगर अधिकारी इसी मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करें तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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