परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी, NTA ने 50 से अधिक कर्मियों को निकाला भारत एक घंटा पहले 4
परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सख्त कदम उठाते हुए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया है। साथ ही एजेंसी अब उच्च पदों पर विशेषज्ञों की भर्ती करने की प्रक्रिया में जुटी है।

परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की कवायद

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने अपनी परीक्षा व्यवस्था को चुस्त और दुरुस्त बनाने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि एजेंसी ने 50 से अधिक कर्मचारियों को उनके पद से हटा दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब UGC-NET परीक्षा के तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में त्रुटियां सामने आई थीं, जिसके बाद इन विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

शिक्षा मंत्रालय की अहम बैठक

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से साझा किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, एनटीए के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य परीक्षा तंत्र में हो रही खामियों को दूर करना था। मंत्रालय के अनुसार, मंत्री को एनटीए द्वारा अब तक उठाए गए सुधारात्मक कदमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में यह पुष्टि की गई कि व्यवस्था में सुधार के लिए एजेंसी ने 50 से ज्यादा कर्मचारियों पर कार्रवाई की है।

विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया

एनटीए अब तकनीकी और प्रशासनिक रूप से खुद को मजबूत करने के लिए नए पेशेवरों की तलाश कर रही है। मंत्रालय के मुताबिक, एजेंसी ने 10 नए विशेषज्ञ पदों के लिए विज्ञापन जारी किया है। इन पदों में चीफ टेक्नॉलॉजी ऑफिसर, चीफ फायनेंशियल ऑफिसर, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO), जनरल मैनेजर (एग्जाम सिक्योरिटी) और जनरल मैनेजर (R&D और साइकोमेट्रिक्स) जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। निजी क्षेत्र से साइबर सुरक्षा और साइकोमेट्रिक्स जैसे विषयों के विशेषज्ञों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया त्रुटिहीन हो सके। गौरतलब है कि इससे पहले भी एनटीए ने 4 नए जनरल मैनेजर और 16 यंग प्रोफेशनल्स की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था।

सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त बनाने के निर्देश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह से कड़ाई के साथ पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गोपनीय संचालन यानी कॉनऑप्स ढांचे, एयर-गैप्ड सिस्टम्स और उपकरण जमा करने जैसी प्रक्रियाओं में आमूलचूल बदलाव को युद्धस्तर पर लागू करने को कहा है। इसके अलावा, एनटीए को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी मौजूदा परीक्षा प्रक्रियाओं का गहन ऑडिट करे और सुधारात्मक उपायों पर अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपे।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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