नितिन नवीन ने 30 साल बाद फिर पकड़ी स्कूल की राह, बेंच पर बैठकर याद किए बीते दिन राष्ट्रीय राजनीति एक महीने पहले 72
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली के अपने पुराने स्कूल में पहुंचकर पुरानी यादें ताजा कीं। इस दौरान उन्होंने स्कूल के मेस में भोजन किया और अपने शिक्षकों व पुराने साथियों से मुलाकात कर भावुक पलों को साझा किया।

बीते दौर की यादों में खोए नितिन नवीन

अतीत के पन्नों को पलटना और उन सुनहरे दिनों में वापस लौटना अपने आप में एक अनोखा अनुभव होता है। छात्र जीवन के वे दिन, जब भविष्य की चिंताएं कम और दोस्तों के साथ मस्ती ज्यादा होती थी, हर किसी के दिल के करीब होते हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल ही में अपने जीवन के ऐसे ही अनमोल क्षणों को जिया है। उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई के करीब 30 साल बाद दिल्ली के छतरपुर स्थित सीएसकेएम पब्लिक स्कूल का दौरा किया, जो उनके लिए बेहद भावुक और सुखद रहा। उन्होंने इस अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए पुरानी यादों को फिर से जीवंत कर दिया है।

स्कूल के गलियारों में पुरानी यादों का सफर

नितिन नवीन जब अपने पुराने स्कूल पहुंचे, तो वे सीधे उन कक्षाओं में गए जहां उन्होंने अपना महत्वपूर्ण समय बिताया था। उन्होंने वहां के छात्रों के साथ बेंच पर बैठकर न केवल पुरानी स्मृतियों को साझा किया, बल्कि स्कूल के माहौल में घुल-मिलकर छात्रों का उत्साह भी बढ़ाया। स्कूल का वह मेस, जहां उन्होंने अपने दोस्तों के साथ अनगिनत बार भोजन किया था, आज भी उनकी यादों में ताजा था। उन्होंने उसी मेस में बैठकर भोजन किया और अपने मित्रों व परिजनों के साथ पुरानी बातों के किस्से दोहराए। नितिन नवीन ने इस दौरान अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अपने पुराने स्कूल में लौटना हमेशा से एक विशेष एहसास होता है, क्योंकि यहां से ही जीवन के संस्कार और अनमोल यादें जुड़ी होती हैं।

शिक्षकों से आशीर्वाद और मुलाकात

इस दौरे का सबसे भावुक क्षण तब आया जब नितिन नवीन ने अपनी प्रिंसिपल शकुंतला सत्संगी जैमन और अन्य गुरुजनों से भेंट की। उन्होंने झुककर अपने शिक्षकों का आशीर्वाद लिया और उनके मार्गदर्शन के लिए अपना आभार व्यक्त किया। प्रिंसिपल शकुंतला सत्संगी जैमन ने नितिन नवीन के साथ बिताए गए पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि वे स्कूल के दिनों में एक बेहद अनुशासित, सुसंस्कृत और मिलनसार छात्र थे। उन्होंने कहा कि हालांकि नितिन नवीन साइंस के छात्र थे, लेकिन मनोविज्ञान जैसे विषयों में भी उनकी विशेष रुचि दिखाई देती थी। उन्होंने बताया कि स्कूल के कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता तभी से दिखाई देने लगी थी। जब आज एक छात्र को इतने बड़े राजनीतिक पद पर देखते हैं, तो एक शिक्षक का जीवन धन्य हो जाता है।

स्कूल के हॉस्टल से राजनीति के शिखर तक

नितिन नवीन का सीएसकेएम पब्लिक स्कूल से गहरा जुड़ाव रहा है। वे यहां के हॉस्टल में करीब 2 साल तक रहे थे और उनके कमरे का नंबर 220 था। साइंस स्ट्रीम के छात्र के रूप में उन्होंने यहीं भौतिकी, रसायन और गणित जैसे विषयों का गहन अध्ययन किया था। उनका राजनीतिक सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से वे लगातार 4 बार विधायक चुने गए हैं। उन्होंने 2005 में पहली बार जीत हासिल की, उसके बाद 2010, 2015 और 2020 में भी इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

राजनीतिक विरासत और संघर्ष की कहानी

23 मई 1980 को रांची में जन्मे नितिन नवीन का पालन-पोषण राजनीतिक माहौल में ही हुआ। उनके पिता, स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा, बिहार भाजपा के कद्दावर नेता थे। सार्वजनिक जीवन को करीब से देखने वाले नितिन नवीन ने अपनी मेहनत और संगठन कौशल के दम पर आज पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद हासिल किया है। वर्किंग प्रेसिडेंट से लेकर पार्टी की शीर्ष कमान संभालने तक का उनका सफर संघर्ष और अटूट भरोसे का परिणाम है। उनके स्कूल में अब उन्हें एक मिसाल के रूप में पेश किया जाता है, ताकि नई पीढ़ी के छात्र उनसे प्रेरित होकर देश की प्रगति में अपना योगदान दे सकें। आज का यह दौरा न केवल उनके लिए व्यक्तिगत था, बल्कि उन सभी छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना जो स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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