उपनाम: पुरानी यादें
गया: जब टिकट के लिए होती थी जंग, जानिए पैराडाइज सिनेमाघर से जुड़ी वो सुनहरी यादें
आज के डिजिटल दौर से बहुत पहले गया शहर में सिनेमाघर मनोरंजन का प्रमुख केंद्र हुआ करते थे। एक वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट ने साझा की अपनी पुरानी यादें, जब सिनेमा देखने जाना किसी संघर्ष से कम नहीं था।
नितिन नवीन ने 30 साल बाद फिर पकड़ी स्कूल की राह, बेंच पर बैठकर याद किए बीते दिन
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली के अपने पुराने स्कूल में पहुंचकर पुरानी यादें ताजा कीं। इस दौरान उन्होंने स्कूल के मेस में भोजन किया और अपने शिक्षकों व पुराने साथियों से मुलाकात कर भावुक पलों को साझा किया।
लालटेन की रोशनी में पढ़कर बने अफसर, आज खुद इतिहास बनने की कगार पर वही विरासत
कभी गांवों में पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी का सहारा रही लालटेन अब बिजली और सोलर लाइट के दौर में लगभग विलुप्त हो चली है। बुजुर्ग बताते हैं कि इसी रोशनी में पढ़कर कई लोग आज बड़े पदों पर पहुंचे हैं।
रेलवे स्टेशनों से गायब हो चुकीं ये 5 चीजें, क्या आपको आज भी याद हैं?
कभी रेलवे स्टेशनों की पहचान रहीं पीसीओ बूथ, सिक्के वाली वजन मशीन, कागजी रिजर्वेशन चार्ट, एनालॉग घड़ियां और टेलीग्राम काउंटर जैसी पांच चीजें नई तकनीक के दौर में अब लगभग गायब हो चुकी हैं।
पूर्णिया का फॉरस्टार: कभी बिहार का सबसे बड़ा सिनेमा हॉल, आज सिर्फ यादों में जिंदा
पूर्णिया का फॉरस्टार सिनेमा कभी बिहार का सबसे बड़ा परदे वाला सिनेमाघर था, जो 1990 के दशक में कोसी-सीमांचल समेत पूरे राज्य में मशहूर रहा। आज यह इमारत नहीं रही, पर इससे जुड़ी यादें लोगों के दिलों में आज भी ताजा हैं।