सोमवती अमावस्या पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना नष्ट हो सकता है पूरा पुण्य; जानें क्या करें और क्या नहीं धर्म 3 घंटे पहले 2
15 जून को मनाई जाने वाली सोमवती अमावस्या पर भगवान शिव, चंद्र देव और पितरों की उपासना का विशेष महत्व है। जानिए इस पावन दिन पर कौन से काम करने चाहिए और किन कार्यों से दूरी बनानी चाहिए।

Somvati Amavasya 2026: इस वर्ष सोमवती अमावस्या 15 जून को मनाई जाएगी। सनातन परंपरा में इस तिथि को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। जब सोमवार के दिन अमावस्या तिथि का संयोग बनता है, तो इसे सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान शिव और चंद्र देव की आराधना का विशेष विधान है। यह दिन महादेव तथा चंद्रमा की उपासना के साथ-साथ पितरों के तर्पण के लिए भी सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसके अलावा सोमवती अमावस्या दान-पुण्य, जप-तप और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। चूंकि यह तिथि अत्यधिक पावन और फलदायी होती है, इसलिए इस दिन कुछ कार्यों को करने से बचना भी जरूरी है। आइए जानते हैं कि इस अवसर पर क्या करना चाहिए और किन बातों से परहेज करना चाहिए।

सोमवती अमावस्या के दिन क्या करें?

  • सुबह जल्दी उठकर गंगा स्नान करें। यदि किसी तीर्थस्थल पर जाना संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें।

  • स्नान के पश्चात सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। इसके साथ ही भगवान शिव का दूध और शहद से अभिषेक करें तथा माता पार्वती को सुहाग की सामग्री चढ़ाएं। मान्यता है कि इस दिन महादेव की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

  • इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा का भी महत्व है। शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे दीपक प्रज्वलित करें और उसकी परिक्रमा करें।

  • दान करने से इस दिन विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसलिए तिल, अन्न और वस्त्र का दान अवश्य करें।

  • दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों के नाम से जल में काले तिल मिलाकर तर्पण करें। ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि एवं खुशहाली आती है।

सोमवती अमावस्या के दिन क्या न करें?

  1. इस दिन प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा जैसी तामसिक चीजों का सेवन न करें और न ही इन्हें घर में बनाएं।

  2. देर तक सोने से बचें। मान्यता है कि इस दिन सूर्यास्त के बाद सोने से घर में आर्थिक तंगी आती है।

  3. किसी के प्रति मन में गलत विचार न लाएं और न ही किसी का अपमान करें।

  4. इस पावन दिन पर पूरी तरह से ब्रह्मचर्य का पालन करें।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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