उपनाम: सोमवती अमावस्या 2026
Somvati Amavasya 2026: तपती गर्मी में भी चित्रकूट में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, घाटों पर भक्ति का अद्भुत नजारा
सोमवती अमावस्या पर धर्म नगरी चित्रकूट में देर रात से ही लाखों श्रद्धालु कामतानाथ स्वामी के दर्शन, मंदाकिनी स्नान और पूजा-अर्चना के लिए जुट गए. भीषण गर्मी के बावजूद रामघाट और परिक्रमा मार्ग पर आस्था का जनसैलाब उमड़ा, जिसके लिए प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा और...
Somvati Amavasya 2026: 30 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, पीपल के नीचे यह उपाय खोल सकता है भाग्य के द्वार
साल 2026 में 15 जून को पुरुषोत्तम मास का समापन सोमवती अमावस्या के साथ हो रहा है, जो करीब 30 साल बाद बनने वाला दुर्लभ संयोग है। यह दिन पितृ शांति, विष्णु और शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
सोमवती अमावस्या का महत्व: जानें यह सामान्य अमावस्या से कैसे है अलग और क्यों मानी जाती है खास
हिंदू पंचांग में सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं, जिसे अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोग माना जाता है। जानिए इसका धार्मिक महत्व और सामान्य अमावस्या से इसका अंतर।
सोमवती अमावस्या पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना नष्ट हो सकता है पूरा पुण्य; जानें क्या करें और क्या नहीं
15 जून को मनाई जाने वाली सोमवती अमावस्या पर भगवान शिव, चंद्र देव और पितरों की उपासना का विशेष महत्व है। जानिए इस पावन दिन पर कौन से काम करने चाहिए और किन कार्यों से दूरी बनानी चाहिए।
Somvati Amavasya 2026: सोमवती अमावस्या पर ऐसे करें महादेव की आराधना, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और दुर्लभ संयोग
इस वर्ष सोमवती अमावस्या 15 जून 2026 को मनाई जाएगी, जिसे शिव पूजा और पितरों के तर्पण के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। जानिए इस दिन भगवान शिव की पूजा की सही विधि, मंत्र, शुभ मुहूर्त और बनने वाले दुर्लभ योग।
सोमवती अमावस्या पर इन दालों और सब्जियों से करें परहेज, जानें क्या खाना रहेगा शुभ
सोमवती अमावस्या 15 जून दिन सोमवार को है और इसी दिन पुरुषोत्तम मास का समापन भी हो रहा है। जानिए इस पावन तिथि पर किन चीजों का सेवन वर्जित माना गया है और किस तरह का आहार लेना शुभ रहता है।
सोमवती अमावस्या 2026: तीन साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, इन 4 वस्तुओं का दान देगा पितरों का आशीर्वाद
ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या सोमवार 15 जून 2026 को पड़ रही है और तीन साल बाद सोमवती अमावस्या का शुभ संयोग बना है। इस दिन पितरों के निमित्त किए गए कुछ खास दान बेहद फलदायी माने जाते हैं।
तीन वर्ष बाद अधिकमास में बना सोमवती अमावस्या का दुर्लभ योग, एक उपाय से दूर होगा पितृ दोष और मिलेगा पुण्य फल
इस बार पुरुषोत्तम मास में सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो करीब तीन साल में एक बार आता है। मान्यता है कि इस दिन पितरों का तर्पण, दान और भगवान शिव की पूजा करने से पितृ दोष में राहत और विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।