निर्जला एकादशी पर करें ये 5 महादान, पितृ दोष और दरिद्रता से मिलेगा छुटकारा धर्म एक घंटा पहले 3
साल की सबसे बड़ी एकादशी मानी जाने वाली निर्जला एकादशी पर पांच विशेष चीजों का दान करने से आर्थिक तंगी और पितृ दोष से मुक्ति मिलने की मान्यता है। जानिए वे कौन-सी पांच वस्तुएं हैं।

निर्जला एकादशी का महत्व: पूरे वर्ष में पड़ने वाली एकादशियों में निर्जला एकादशी को सबसे बड़ी एकादशी का दर्जा प्राप्त है। पंचांग के अनुसार यह तिथि ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आती है। मान्यता है कि इस एक व्रत को रखने मात्र से वर्षभर की समस्त एकादशियों के व्रत का पुण्यफल प्राप्त हो जाता है। पौराणिक कथाओं में वर्णन मिलता है कि पांडव पुत्र भीम ने भी यही व्रत किया था, क्योंकि उनके लिए हर एकादशी का व्रत निभा पाना संभव नहीं था। भीम से जुड़े होने के कारण इसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक धारणा है कि इस दिन किया गया दान अक्षय पुण्य देने वाला होता है।

ज्योतिष शास्त्र की मानें तो जो लोग आर्थिक संकट या पितृ दोष से जूझ रहे हैं, उन्हें निर्जला एकादशी के दिन पांच चीजों का दान अवश्य करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन वस्तुओं का दान जीवन के कष्टों को दूर कर सकता है और रुकी हुई किस्मत के द्वार खोल सकता है।

निर्जला एकादशी के 5 महादान

1. जल से भरा मिट्टी का घड़ा

इस दिन पानी से भरे मिट्टी के घड़े का दान सर्वाधिक फलदायी बताया गया है। कहा जाता है कि इस दान से जीवन की सभी विपत्तियां समाप्त होती हैं और भगवान श्रीहरि विष्णु की असीम कृपा बनी रहती है। इसके लिए एक नया मिट्टी का घड़ा लें, उसे अच्छी तरह साफ करके उसमें ठंडा जल भरें और फिर किसी ब्राह्मण या राहगीर को भेंट कर दें। यह उपाय पितृ दोष से राहत दिलाने के साथ-साथ दरिद्रता को भी दूर करता है।

2. फलों का दान

निर्जला एकादशी पर खरबूजा, तरबूज जैसे रसीले फलों का दान अत्यंत शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इससे माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन में चल रही धन संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

3. वस्त्र और जूते-चप्पल का दान

यह एकादशी प्रचंड गर्मी के मौसम में पड़ती है। ऐसे में जरूरतमंद लोगों को पैरों की सुरक्षा हेतु चप्पल और धूप से बचाव के लिए सूती वस्त्र दान करना अत्यधिक पुण्यदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस प्रकार के दान से ग्रह दोषों से छुटकारा मिलता है।

4. चने के सत्तू और गुड़ का दान

इस पावन तिथि पर सत्तू और गुड़ का दान भी बेहद शुभ बताया गया है। ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा भक्तों पर बनी रहती है।

5. हाथ का पंखा

बांस से बने हाथ के पंखे का दान भी निर्जला एकादशी पर खास महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दान से जीवन के तमाम कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है।

दान करते समय इस बात का रखें ध्यान

निर्जला एकादशी पर दान देते वक्त दक्षिणा देना न भूलें। ऐसा कहा जाता है कि दक्षिणा के बिना किया गया दान अधूरा माना जाता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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