लेबनान में बच्चों और महिलाओं की मौत पर भड़के नेतन्याहू, हिजबुल्लाह पर लगाया मानव ढाल का आरोप विश्व एक घंटा पहले 2
दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों के बाद तनाव अपने चरम पर है। बेंजामिन नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह पर अपने नागरिकों को ढाल बनाने का आरोप लगाया है, जबकि इन हमलों में 11 लोगों की जान गई है।

दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना की ओर से की गई हालिया एयरस्ट्राइक के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव फिर से गहरा गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि हिजबुल्लाह ने युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इजरायली सैनिकों को निशाना बनाया। इस घटना में इजरायल के 3 सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायली रक्षा बलों यानी IDF ने हिजबुल्लाह के उस ठिकाने पर हमला किया, जिसे इन हमलों का केंद्र बिंदु बताया जा रहा है। लेबनान से प्राप्त शुरुआती सूचनाओं के अनुसार, इन हमलों में कई नागरिकों के हताहत होने की खबर है, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के सोशल मीडिया बयान के अनुसार, हिजबुल्लाह ने सुरक्षा क्षेत्र में तैनात इजरायली सैनिकों पर जानलेवा हमला किया था, जिसके जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई।

नागरिकों की मौजूदगी का बाद में चला पता

नेतन्याहू के कार्यालय के स्पष्टीकरण के अनुसार, इजरायली सेना को इस बात की जानकारी हमले के बाद हुई कि जिस सैन्य मुख्यालय को निशाना बनाया गया था, वहां नागरिक भी मौजूद थे। इजरायल का कड़ा रुख है कि हिजबुल्लाह जानबूझकर अपने ही नागरिकों को ‘मानव ढाल’ के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। इजरायल का तर्क है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजरायल पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया जा सके। IDF की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान के अंसार इलाके में स्थित हिजबुल्लाह की रदवान फोर्स के एक प्रमुख मुख्यालय को ध्वस्त किया गया। सेना ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में रदवान फोर्स के बटालियन कमांडर अली समीर अल-हाज हसन समेत कई आतंकी मारे गए हैं।

परिवार को बनाया ढाल

IDF ने यह भी खुलासा किया है कि हमले के दौरान हसन के परिवार के सदस्य भी मुख्यालय के भीतर मौजूद थे, जिन्हें इस दौरान नुकसान पहुंचा है। हालांकि, सेना ने जोर देकर कहा कि वे किसी भी स्थिति में इजरायली हमले का लक्ष्य नहीं थे। इजरायल ने हसन को अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में एक वैध सैन्य लक्ष्य घोषित करते हुए हिजबुल्लाह को दोषी ठहराया है कि उसने अपने परिवार का उपयोग बचाव के लिए किया। इस मामले में इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने भी हिजबुल्लाह पर गंभीर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि ईरान समर्थित यह गुट इजरायली सैनिकों को घायल करता है और फिर ऐसी परिस्थितियां पैदा करता है जिनसे इजरायल को जवाबी हमले के लिए मजबूर होना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि हिजबुल्लाह बच्चों को भी सैन्य ठिकानों पर बुलाता है ताकि वे खतरे में रहें।

हिजबुल्लाह ने इजरायल पर लगाया हमलों का दायरा बढ़ाने का आरोप

हिजबुल्लाह ने इजरायल की इन सैन्य कार्रवाइयों को आक्रामकता को बढ़ाने वाला कदम करार दिया है। संगठन का आरोप है कि इजरायल ने अंसार गांव के बाहर एक घर और दीर अल-जहरानी गांव में एक इमारत को निशाना बनाकर हमलों का दायरा बढ़ा दिया है। हिजबुल्लाह ने नेतन्याहू पर निशाना साधते हुए कहा है कि वे अपने घरेलू राजनीतिक समर्थन को मजबूत करने, चुनावी लाभ प्राप्त करने और अपने दक्षिणपंथी सहयोगियों को खुश करने के उद्देश्य से तनाव को जानबूझकर बढ़ा रहे हैं।

लेबनान के शीर्ष नेतृत्व ने की निंदा

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों की कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री सलाम ने कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्र में शांति बहाल करने और स्थिति को स्थिर करने के सभी प्रयासों को कमजोर कर रहे हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में हुए इन इजरायली हमलों में अब तक कुल 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इन पीड़ितों में अंसार इलाके में मारे गए 3 बच्चे और 2 महिलाएं भी शामिल हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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