राष्ट्रीय राजनीति
2 घंटे पहले
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों और युवाओं से आह्वान किया कि वे कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ नामक राष्ट्रीय आंदोलन को व्यापक स्तर पर समर्थन दें। यह अभियान 17 जून को राजस्थान के कोटा से अपनी शुरुआत करेगा।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक, परीक्षाओं के रद्द होने और भर्ती की प्रक्रियाओं में लगातार होती देरी से परेशान विद्यार्थियों की आवाज को अब और मुखर होना चाहिए। उन्होंने लिखा कि उन्हें पता है कि युवा थक चुके हैं और गुस्से में हैं, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि जब सरकार सुनना बंद कर देती है, तब अपनी आवाज को और ऊंचा उठाना पड़ता है।
किन मुद्दों पर केंद्रित है आंदोलन
कांग्रेस का यह प्रस्तावित देशव्यापी आंदोलन युवाओं से जुड़ी प्रमुख चिंताओं — पेपर लीक, परीक्षाओं में होने वाली अनियमितता, बेरोजगारी और भर्ती में देरी — पर आधारित है। इसकी औपचारिक शुरुआत 17 जून को कोटा में होगी, जहां राहुल गांधी छात्रों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधा संवाद करेंगे।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”आइए, हम सब मिलकर एक ऐसी आवाज बनें जिसे अनसुना करना मुमकिन न हो। इसकी शुरुआत कोटा से होगी और फिर यह देश के हर कोने तक पहुंचेगी। यह आपके भविष्य की लड़ाई है और मैं आपके साथ खड़ा हूं।”
अलग-अलग शहरों में होंगे छात्र सम्मेलन
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने जानकारी दी कि राहुल गांधी देश के विभिन्न शहरों में छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। इस अभियान के अंतर्गत 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कांग्रेस का आरोप है कि बार-बार सामने आने वाले पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और लगातार बढ़ती बेरोजगारी के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। पार्टी इस अभियान के माध्यम से छात्रों, नौकरी की तलाश में लगे युवाओं, शिक्षकों और युवा संगठनों को साथ जोड़कर इन मुद्दों को राष्ट्रीय पटल पर उठाना चाहती है।
खरगे और राहुल के नेतृत्व में अभियान
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट से वेणुगोपाल का बयान साझा किया, जिसमें बताया गया कि यह अभियान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू किया गया है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार यह आंदोलन परीक्षा व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता लाने, पेपर लीक की समस्या को जड़ से समाप्त करने, भर्ती में फैली अनियमितता और शिक्षा व रोजगार से जुड़ी दिक्कतों के स्थायी समाधान पर केंद्रित रहेगा।
कोटा को क्यों चुना गया
कोटा जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम और कोटा ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि देश के प्रमुख कोचिंग केंद्र कोटा को इस आंदोलन की शुरुआत के लिए चुना गया है। हाल ही में पुष्कर में हुए एक सम्मेलन में राहुल गांधी को कोटा आने का निमंत्रण दिया गया था।
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