नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन: रूस में बैठा युवक बना एफआईआर में आरोपी, निष्पक्ष जांच की उठी मांग बिहार एक घंटा पहले 3
नीट परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान दर्ज एक एफआईआर ने बिहार के किशनगंज में हड़कंप मचा दिया है, जहां विदेश में रह रहे एक युवक को आरोपी बना दिया गया है।

रूस में मौजूद युवक का नाम एफआईआर में

नीट परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के विरोध में पूरे देश के साथ-साथ बिहार के विभिन्न हिस्सों में भी प्रदर्शन हुए थे। किशनगंज जिले के बहादुरगंज में हुए ऐसे ही एक विरोध प्रदर्शन के बाद दर्ज की गई एफआईआर अब सवालों के घेरे में आ गई है। इस मामले में एक ऐसा पहलू सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सतमेरी कुलभिटा पंचायत निवासी कोनन राही ने एक वीडियो जारी करके दावा किया है कि नीट प्रदर्शन के समय वह भारत में नहीं था, बल्कि पिछले 4 महीने से रूस में रहकर काम कर रहा है। इसके बावजूद उसका नाम पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में एक आरोपी के रूप में शामिल किया गया है। कोनन राही ने सोशल मीडिया पर इस मामले को उठाते हुए प्रशासन से पूरी निष्पक्षता के साथ जांच करने की अपील की है।

पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

कोनन राही का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान वह न तो वहां मौजूद था और न ही उसका इस पूरे घटनाक्रम से कोई लेना-देना है। घटना के समय वह विदेश में था, फिर भी उसका नाम सूची में होना प्रशासन की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी कड़ा रुख अपनाया है। एआईएमआईएम के विधायक तौसीफ आलम ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि पुलिस ने बिना उचित सत्यापन के ऐसे लोगों के नाम एफआईआर में डाले हैं जो उस वक्त देश में ही नहीं थे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की दोबारा गहन समीक्षा की जाए और केवल वास्तविक तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाए।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

बहादुरगंज के जिला परिषद सदस्य इमरान आलम ने भी पुलिस की इस चूक को गंभीर बताया है। उनका तर्क है कि यदि कोई व्यक्ति घटना के समय दूसरे देश में था और पुलिस उसे आरोपी बना रही है, तो यह स्पष्ट रूप से पुलिस की लापरवाही और दोषपूर्ण जांच को दर्शाता है। गौरतलब है कि बिहार सरकार ने हाल ही में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने का निर्णय लिया है। राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा इस संबंध में औपचारिक आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, सरकारी निर्देश के बावजूद कोनन राही का नाम एफआईआर में होने और इस पर छिड़े विवाद ने मामले को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस चूक को कैसे सुधारता है और क्या मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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