नरसिंहपुर में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, ट्रैक्टर-बैलगाड़ियों के साथ सड़कों पर उतरे अन्नदाता मध्य प्रदेश एक महीने पहले 45
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हजारों किसान सड़क पर उतर आए हैं। किसानों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा है और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की है।

नरसिंहपुर में किसानों ने दिखाया दम

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में सोमवार का दिन किसानों के बड़े आंदोलन का गवाह बना। अपनी वाजिब मांगों को लेकर जिले भर के विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े हजारों की संख्या में अन्नदाता सड़कों पर उतर आए। इस दौरान किसानों ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए अपने ट्रैक्टरों और बैलगाड़ियों के साथ शहर की सड़कों पर मार्च किया। हाथों में अपनी मांगों की तख्तियां लिए किसानों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के सामने अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन की यह गूंज खेत-खलिहानों से निकलकर सीधे शहर के मुख्य मार्गों तक सुनाई दी।

10 सूत्रीय मांगों पर अड़े किसान

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 10 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है। किसानों की सबसे प्रमुख मांग मूंग की फसल की समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करना है। किसानों का दर्द है कि इस बार फसल का उत्पादन तो काफी बेहतर हुआ है, लेकिन बावजूद इसके उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए भारी मशक्कत और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में शामिल अन्य प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • खेती के लिए खाद और बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले डीजल और पेट्रोल की सुगम आपूर्ति बनाए रखना।
  • किसानों को खेती के दौरान आने वाली आर्थिक समस्याओं का त्वरित समाधान करना।
  • फसलों के उचित दाम दिलाकर किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाना।

प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि अगर इन समस्याओं का समय रहते निवारण नहीं किया गया, तो किसानों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।

प्रशासन के साथ हुआ तनावपूर्ण माहौल

प्रदर्शन के दौरान उस वक्त स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई जब किसानों का एक बड़ा जत्था एसडीएम कार्यालय की ओर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगा। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिससे माहौल गरमा गया। हालांकि, किसानों ने धैर्य का परिचय देते हुए सड़क पर ही डेरा डाल दिया और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने की जिद पर अड़े रहे। काफी देर तक चली बातचीत और जद्दोजहद के बाद प्रशासन ने किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को एसडीएम के पास जाकर ज्ञापन सौंपने की अनुमति दी, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

चेतावनी: भोपाल कूच की तैयारी

किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे अपनी मांगों को लेकर काफी गंभीर हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन को और भी बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा। किसानों ने साफ तौर पर कहा कि यदि जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन का अगला चरण राज्य की राजधानी भोपाल में होगा, जहां प्रदेश भर के किसान एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाएंगे। प्रशासन ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि सरकार की ओर से किसानों की इन समस्याओं पर क्या रुख अपनाया जाता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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