महाराष्ट्र
11 घंटे पहले
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नागपुर पुलिस के लिए सिरदर्द बना हैवानियत का आरोपी
महाराष्ट्र के नागपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ बर्बरता करने वाले आरोपी ने अब पुलिसकर्मियों को भी परेशान कर दिया है। जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद भी आरोपी के नखरे खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह पुलिस अधिकारियों से जेल के अंदर खाने के लिए पिज्जा की मांग कर रहा है। इतना ही नहीं, उसने सोने के लिए गद्देदार बिस्तर और कमरे में मच्छर भगाने वाली मशीन लगाने की भी जिद पकड़ ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जेल के नियमों के तहत कैदियों की केवल वाजिब मांगें ही मानी जा सकती हैं, लेकिन इस तरह की बेतुकी मांगें किसी भी हाल में पूरी नहीं की जा सकतीं।
जांच में नहीं कर रहा सहयोग, पुलिस पर लगाए चोरी के आरोप
इस सनसनीखेज मामले का आरोपी एक 20 वर्षीय BBA छात्र है, जो पुलिस की पूछताछ में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहा है। उसने हवालात की गंदी दीवारों और बदबूदार टॉयलेट को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई है। वह रात के समय प्रीमियम और शानदार भोजन की मांग करता है। हद तो तब हो गई जब उसने खुद को बचाने के लिए पुलिसकर्मियों पर ही उसके पैसे चोरी करने का झूठा आरोप मढ़ दिया। इसके साथ ही वह स्वयं को निर्दोष बताते हुए पीड़िता पर ही खुद को फंसाने के आरोप लगा रहा है।
जबरन अस्पताल ले जाकर कराना पड़ा मेडिकल टेस्ट
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी जांच को भटकाने के लिए हर संभव हथकंडा अपना रहा है। उसने जांच टीम को अपना और पीड़िता का मोबाइल फोन खोलने के लिए पासवर्ड बताने से साफ मना कर दिया। जब पुलिस टीम उसे मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल ले जाने लगी, तो उसने वहां भी जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों को उसे जबरन अस्पताल लेकर जाना पड़ा और उसका मेडिकल परीक्षण संपन्न कराया गया। आरोपी ने पुलिस प्रशासन पर उसके जूते और चश्मा छीनने का भी आरोप लगाया है।
फर्जी सोशल मीडिया आईडी से जाल में फंसाया, 24 घंटे तक रखा बंधक
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी निर्भय पाखरे ने पिछले साल 'आकाश मेहरा' नाम से इंस्टाग्राम पर एक फर्जी प्रोफाइल बनाई थी। इसी फर्जी पहचान के जरिए उसने नाबालिग लड़की से दोस्ती की और धीरे-धीरे दोनों बातचीत करने लगे। आरोपी ने झांसा देकर लड़की की कुछ बेहद निजी तस्वीरें हासिल कर लीं और फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। लोक-लाज के डर से पीड़ित लड़की चुपचाप सब कुछ सहती रही।
गिरफ्तारी से ठीक पहले आरोपी ने लड़की को करीब 24 घंटे तक एक होटल के कमरे में बंधक बनाकर रखा था। जब लड़की के परिजनों की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची, तो होटल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा, तो देखा कि पीड़िता बिस्तर से बंधी हुई थी और आरोपी उसके पास हाथ में बेल्ट लेकर खड़ा था। पुलिस ने तुरंत पीड़िता को मुक्त कराकर अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज, पुलिस हिरासत में आरोपी
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी निर्भय पाखरे के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम और अपहरण के गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। कोर्ट ने आरोपी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी के मोबाइल फोन के साथ-साथ उसके सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी खंगाला जा रहा है ताकि मामले से जुड़े अन्य सबूत जुटाए जा सकें।
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