मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में मृतकों की संख्या 7 पहुंची, प्रशासन सख्त, कई नर्सिंग होम सील बिहार एक घंटा पहले 3
मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड में एक और मरीज की मौत के साथ मृतकों का आंकड़ा सात हो गया है। हादसे के बाद जिला प्रशासन ने निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की व्यापक जांच शुरू कर कई को सील कर दिया है।

मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में हुए अग्निकांड में एक और मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मौत के साथ ही हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। मृतक की पहचान अंजनी कुमार सिंह के रूप में हुई है। आग लगने के वक्त वे प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती थे। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए एक दूसरे निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

हादसे के बाद प्रशासन सतर्क

अस्पताल में लगी आग की इस घटना के बाद पूरे जिले में प्रशासन पूरी तरह चौकस हो गया है। हादसे में घायल हुए 16 मरीजों का इलाज अब भी शहर के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। डॉक्टरों की निगरानी में इन सभी मरीजों का उपचार चल रहा है।

निजी अस्पतालों के खिलाफ जांच अभियान

इस दर्दनाक घटना के बाद जिला प्रशासन ने निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ बड़े पैमाने पर जांच अभियान छेड़ दिया है। सुरक्षा मानकों की पड़ताल के दौरान कई अस्पतालों और नर्सिंग होम में गंभीर कमियां सामने आई हैं। नियमों का पालन न करने वाले कई अस्पतालों को सील कर दिया गया है।

मेडिकल क्षेत्र में हड़कंप

मुजफ्फरपुर के मेडिकल इलाके और एसकेएमसीएच क्षेत्र में प्रशासन की इस कार्रवाई से अफरा-तफरी मची हुई है। एसडीएम पूर्वी तुषार कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम लगातार अस्पतालों का निरीक्षण कर रही है। जांच के दौरान अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा समेत अन्य आवश्यक मानकों को परखा जा रहा है।

फर्जी और अवैध अस्पतालों पर नजर

प्रशासन ने जिले भर में फर्जी और अवैध तरीके से चल रहे अस्पतालों की भी पड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जिन अस्पतालों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं मिलेगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच में मानकों पर खरे न उतरने के कारण कई अस्पतालों को पहले ही सील किया जा चुका है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस अग्निकांड ने स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी अस्पतालों की सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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