बिहार
2 घंटे पहले
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बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से बार-बार सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद पुलिसकर्मियों का सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक रुकने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले से जुड़ा है, जहां गायघाट पुलिस चौकी के थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने वर्दी पहनकर एक रील तैयार की और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। अपनी पत्नी और बेटी के साथ पुलिस वर्दी में बनाया गया यह वीडियो देखते ही देखते तेजी से वायरल हो गया। मामला सामने आते ही जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे अनुशासनहीनता करार देते हुए कड़ी नाराजगी जताई और थानाध्यक्ष से जवाब-तलब किया है।
मॉल में हुई रील की शूटिंग
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा इलाके के एक मॉल का है। इसमें गायघाट थाने के थानेदार राकेश कुमार अपनी पत्नी और बेटी के साथ नजर आ रहे हैं। पृष्ठभूमि में मशहूर फिल्मी गाना "होगा थानेदार तू, मेरा है दिलदार तू, वर्दी का तू रौब जमा ले..." बज रहा है, जिस पर थानाध्यक्ष अभिनय करते और थिरकते दिखाई दे रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस रील में उनके साथ हाथ में हथियार लिए एक सरकारी सुरक्षा गार्ड भी चलता हुआ नजर आ रहा है।
विभाग ने लिया मामले का संज्ञान
वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए थानाध्यक्ष से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुजफ्फरपुर के पुलिस कप्तान (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है।
ड्यूटी के दौरान रील न बनाने का निर्देश पहले से लागू
उल्लेखनीय है कि बिहार पुलिस मुख्यालय पहले ही स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी कर चुका है कि कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान या पुलिस वर्दी में सोशल मीडिया के लिए मनोरंजनात्मक रील या वीडियो नहीं बनाएगा। इसके बावजूद गायघाट थाना प्रभारी द्वारा बनाया गया यह वीडियो विभागीय निर्देशों की खुलेआम अनदेखी करता दिखाई दे रहा है।
उठ रहे कई सवाल
मुजफ्फरपुर जिले में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बीच थानेदार का यह फिल्मी अंदाज आम लोगों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि एक ओर पुलिस पर अपराधियों को पकड़ने का दबाव है, वहीं दूसरी ओर थाना प्रभारी मॉल में वर्दी पहनकर रील बनाने में व्यस्त नजर आ रहे हैं। फिलहाल देखना यह है कि मुजफ्फरपुर पुलिस कप्तान (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा इस प्रकरण में क्या कार्रवाई करते हैं।
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