घर पर नहीं बन पाया सुबह का नाश्ता? मुजफ्फरपुर के इन 5 ठिकानों पर 30 रुपये में भर जाएगा पेट बिहार एक घंटा पहले 3
सुबह की भागदौड़ में नाश्ता बनाने का वक्त न मिले तो मुजफ्फरपुर के कुछ चौराहे आपके काम आ सकते हैं, जहां महज 20 से 30 रुपये में स्वादिष्ट और भरपेट नाश्ता मिल जाता है।

शहरी जीवन की रफ्तार में सुबह स्कूल-कॉलेज, ऑफिस या दुकान के लिए निकलना तय रहता है और कई बार घर पर नाश्ता बनाने का समय ही नहीं मिल पाता। ऐसे मौकों पर मुजफ्फरपुर शहर के कुछ चौराहे और इलाके राहत बनकर सामने आते हैं, जहां बेहद कम कीमत में स्वादिष्ट और भरपेट नाश्ता मिल जाता है। खास बात यह कि यहां परोसे जाने वाले व्यंजन ज्यादातर स्थानीय और पारंपरिक ही होते हैं।

सुबह से ही इन जगहों पर लोगों की अच्छी-खासी भीड़ जुटती है। यहां 20 से 30 रुपये के भीतर चाय, कचौड़ी, जलेबी, समोसा, चना-घुघनी और दूसरे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकता है। यही किफायत और स्वाद इन ठिकानों को आम लोगों की पसंद बनाए रखता है।

छाता चौक

नाश्ते के शौकीनों के लिए छाता चौक सबसे लोकप्रिय जगहों में गिना जाता है। सुबह-सुबह यहां गर्म कचौड़ी, आलू की सब्जी और ताजी जलेबी की महक राहगीरों को अपनी ओर खींच लेती है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र और व्यापारी बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं।

गोबरसही

गोबरसही इलाके में कई शिक्षण संस्थान होने के चलते सुबह से ही यहां छात्रों का जमावड़ा रहता है। इस इलाके में चना-घुघनी, समोसा और चाय का कॉम्बिनेशन खूब पसंद किया जाता है। कम खर्च में पेट भरने के लिए यह जगह युवाओं की पहली पसंद बनी हुई है।

भगवानपुर और मिठनपुरा

भगवानपुर और मिठनपुरा क्षेत्र में सड़क किनारे लगने वाले नाश्ते के स्टॉल सुबह से ही गुलजार रहते हैं। यहां समोसा, कचौड़ी, चाय और जलेबी आसानी से मिल जाती है। आसपास रहने वाले लोग और नौकरीपेशा वर्ग रोजाना यहां नाश्ता करने पहुंचते हैं।

सरैयागंज टावर और कल्याणी चौक

सरैयागंज टावर और कल्याणी चौक शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल हैं। सुबह के समय यहां दुकानों पर लोगों की लंबी कतार लग जाती है। चाय के साथ कचौड़ी, घुघनी और समोसा लोगों की पहली पसंद होती है, जबकि कम कीमत और तेज सेवा इसे और खास बना देती है।

इस इलाके में कई पुरानी और प्रसिद्ध नाश्ते की दुकानें भी हैं। सुबह-सुबह दही चूरा का नाश्ता करने के लिए इस चौराहे पर अच्छी भीड़ जुटती है।

जीरोमाइल और रामदयालु चौक

जीरोमाइल और रामदयालु चौक पर सुबह से ही यात्रियों और कामकाजी लोगों की आवाजाही बनी रहती है। यहां मिलने वाली गर्म चाय, छोला भटूरा, समोसा, कचौड़ी, जलेबी, दही चूरा और घुघनी लोगों को दिनभर की ऊर्जा देने का काम करती है। बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों के पास होने के कारण इन जगहों की लोकप्रियता और भी बढ़ जाती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!