कांवर यात्रा: कुमरसार में अखंडवासिनी मंदिर ने खोला सेवा शिविर, भोजन और इलाज समेत मिलेंगी ये सुविधाएं बिहार एक घंटा पहले 2
सावन के पावन महीने में मुंगेर के कांवरिया पथ पर अखंडवासिनी मंदिर ने भक्तों के लिए विशेष शिविर शुरू किया है, जहां भंडारा, विश्राम और मेडिकल कैंप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

शिव भक्तों के लिए सेवा का संकल्प

सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। 3 अगस्त को सावन का पहला सोमवार है। इस दौरान लाखों शिव भक्त सुल्तानगंज से जल भरकर 108 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय करते हैं और देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करते हैं। पूरा कांवरिया पथ 'बोल बम' के जयघोष से गूंज उठा है। इस धार्मिक यात्रा को सरल और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से, पटना स्थित अखंडवासिनी मंदिर परिवार की ओर से मुंगेर जिले के कुमरसार में एक विशेष सेवा शिविर की शुरुआत की गई है।

शिविर में दी जा रही प्रमुख सुविधाएं

मुंगेर के पृथ्वीचक कुमरसार में अखंडवासिनी मंदिर द्वारा लगाए गए इस शिविर का विधिवत उद्घाटन रुद्राभिषेक के साथ हुआ है। शिविर के पहले दिन से ही कांवरियों के लिए भंडारा की व्यवस्था प्रारंभ कर दी गई है। आयोजकों ने बताया कि यहां आने वाले कांवरिया भक्तों के लिए दिन और रात दोनों समय भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा शिविर में निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध हैं:

  • थके हुए कांवरियों के लिए सुरक्षित विश्राम स्थल की व्यवस्था।
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए मेडिकल कैंप, जहां प्राथमिक उपचार और दवाएं मिलेंगी।
  • रास्ते की थकान मिटाने के लिए ठंडे शर्बत और जल की निरंतर उपलब्धता।
  • शिव भक्ति से सराबोर वातावरण बनाने के लिए नियमित भजन-कीर्तन।

सांस्कृतिक आयोजन और भक्ति का माहौल

अखंडवासिनी मंदिर परिवार की ओर से केवल सेवा ही नहीं, बल्कि कांवरियों का मनोबल बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी प्रबंध किया गया है। मंदिर के सदस्य अनीश सिंह ने बताया कि संध्या के समय आयोजित होने वाले भजनों में प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इन कलाकारों में गोलू राजा, निशा उपाध्याय, छोटू छलिया, शिवम सागर और चंदन यादव जैसे नाम शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बाबा भोलेनाथ की भक्ति के माध्यम से कांवरियों में नई ऊर्जा का संचार करना है ताकि वे अपनी कठिन यात्रा को उत्साह के साथ पूरा कर सकें।

15 वर्षों से जारी है सेवा कार्य

अखंडवासिनी मंदिर के पुजारी विशाल तिवारी के अनुसार, वे पिछले 15 सालों से कुमरसार के पास कांवरिया पथ पर यह सेवा शिविर लगाते आ रहे हैं। इस वर्ष शिविर की शुरुआत 1 अगस्त को हुई है और यह 29 अगस्त तक अनवरत चलेगा। विशाल तिवारी ने बताया कि पटना के गोलघर पार्क रोड स्थित मां अखंडवासिनी मंदिर की देखरेख में यह पूरा आयोजन होता है। शिविर में भगवान शिव के शिवलिंग का अभिषेक, विधिवत पूजन और सुबह-शाम दोनों समय आरती का आयोजन किया जाता है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो जाता है।

कांवरिया पथ की महत्ता

कांवरिया पथ वह विशेष मार्ग है जिसे तय करके भक्त सुल्तानगंज से देवघर तक का सफर पूरा करते हैं। यह यात्रा बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज से प्रारंभ होकर देवघर तक जाती है, जिसकी कुल दूरी लगभग 105 से 110 किलोमीटर के बीच है। श्रद्धालु सुल्तानगंज में उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर कांवर में धारण करते हैं और 'बोल बम' का जयकारा लगाते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ते हैं। पूरे रास्ते में अखंडवासिनी मंदिर जैसे अनेक सेवा शिविरों का होना भक्तों को सहारा देता है, जिससे उनकी यात्रा सुगम और सुव्यवस्थित हो पाती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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