मनोरंजन
एक घंटा पहले
9
विचारों
बीमारी की नई चुनौती
हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री नफीसा अली ने अपने स्वास्थ्य को लेकर एक चुनौतीपूर्ण जानकारी साझा की है। 69 साल की उम्र में नफीसा अली लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का डटकर मुकाबला कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने अपने प्रशंसकों को बताया है कि उनका ओवेरियन और पेरिटोनियल कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में भी बढ़ गया है। ताजा जांच रिपोर्ट्स के बाद डॉक्टरों ने उनके उपचार की प्रक्रिया को पूरी तरह से बदलने का निर्णय लिया है। अपनी बीमारी के इतने कठिन दौर में भी अभिनेत्री का धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण बना हुआ है, जिसके लिए उन्हें सोशल मीडिया पर काफी सराहना मिल रही है। अब उन्होंने नई चिकित्सीय पद्धति के तहत टारगेटेड थेरेपी लेना शुरू किया है।
अस्पताल से साझा की तस्वीर
नफीसा अली ने रविवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह अस्पताल के बिस्तर पर मुस्कुराते हुए दिखाई दे रही हैं। तस्वीर में उनके हाथ में आईवी ड्रिप आईवी ड्रिप लगी हुई है, जो उनकी चिकित्सा प्रक्रिया की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि हाल ही में हुए स्कैन में यह बात सामने आई है कि उनके लिवर की सतह पर कैंसर के नए डिपॉजिट्स पनप गए हैं। इसी के बाद डॉक्टरों ने प्रोटोकॉल में बदलाव करते हुए उन्हें टारगेटेड थेरेपी पर रखने का फैसला लिया है। अभिनेत्री ने उन तमाम प्रशंसकों और शुभचिंतकों का हृदय से आभार व्यक्त किया है, जो इस कठिन समय में भी लगातार उन्हें प्यार और सकारात्मक ऊर्जा भेज रहे हैं।
रेमिशन से फिर वापसी
नफीसा अली के स्वास्थ्य इतिहास को देखें तो यह बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने इससे पहले जानकारी दी थी कि वह तीसरी बार रेमिशन के दौर में गई थीं, लेकिन ताजा पीईटी और सीटी स्कैन के परिणाम उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे। कैंसर ने पुनः ओवेरियन और पेरिटोनियल स्तर पर अपना प्रभाव बढ़ाया है। अभिनेत्री ने बड़ी ही सादगी और स्पष्टता के साथ अपने समर्थकों को मेडिकल रिपोर्ट का सार समझाया कि कैसे उनके लिवर पर नए निशान पाए गए हैं, जिससे उपचार की दिशा बदलनी पड़ी है।
फैंस और दोस्तों का समर्थन
अभिनेत्री की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें भारी समर्थन मिल रहा है। फैशन डिजाइनर फराह खान अली ने नफीसा को अत्यंत साहसी और मजबूत बताते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। फराह ने न केवल नफीसा का उत्साहवर्धन किया बल्कि उन अन्य मरीजों को भी प्रेरित किया जो समान परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नफीसा की लड़ने की क्षमता अद्भुत है और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि वह इस बीमारी को एक बार फिर मात देने में सफल होंगी।
2018 से शुरू हुआ सफर
नफीसा अली को पहली बार 2018 में स्टेज 3 के पेरिटोनियल और ओवेरियन कैंसर के बारे में पता चला था। उस समय से ही वह गोवा में रहकर अपना उपचार करा रही हैं। इतने वर्षों की लंबी लड़ाई के बावजूद उन्होंने अपनी स्थिति को लेकर कभी गोपनीयता नहीं बरती, बल्कि लगातार अपने अनुभव लोगों के साथ साझा करती रही हैं। बीते जुलाई माह में एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने विस्तार से बताया था कि कैसे कैंसर केवल शारीरिक नहीं, बल्कि आर्थिक और पारिवारिक स्तर पर भी एक बड़ी चुनौती बन जाता है। उन्होंने स्वीकार किया था कि यह जीवन की अब तक की सबसे भयावह यात्रा रही है।
नई पीढ़ी के लिए संदेश
नफीसा अली का मानना है कि इस बीमारी ने उन्हें जीवन के प्रति एक नया नजरिया दिया है। वह अपनी आने वाली पीढ़ी और बच्चों के लिए एक ऐसी विरासत छोड़ना चाहती हैं जिसमें सच बोलने का साहस हो। अभिनेत्री ने जोर देकर कहा है कि वह किसी भी दबाव में आकर अपनी आवाज को नहीं दबाएंगी। उनके लिए यह केवल इलाज का दौर नहीं है, बल्कि समाज और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का भी समय है। उनकी यह प्रतिबद्धता साबित करती है कि वे कैंसर जैसी बीमारी के सामने भी अपने व्यक्तित्व और विचारों को झुका नहीं रही हैं।
इलाज के साथ सिनेमा का सफर
यह नफीसा अली के अद्भुत जज्बे का ही परिणाम है कि उन्होंने बीमारी के बीच भी अभिनय से अपना नाता नहीं तोड़ा। 2022 में आई सूरज बड़जात्या की फिल्म ऊंचाई में उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम किया था। इसके अलावा, इसी साल रिलीज हुई फिल्म मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी में भी वे नजर आईं, जिसका निर्देशन पद्मकुमार नरसिम्हमूर्ति ने किया था। इस फिल्म में उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के साथ स्क्रीन साझा की। कैंसर के इलाज के कठिन पड़ावों के बावजूद उनका सक्रिय रहना यह दर्शाता है कि वे अपनी कला को लेकर कितनी समर्पित हैं और कठिन परिस्थितियों में भी काम के जरिए स्वयं को व्यस्त और प्रेरित रखती हैं।
Comments
0 comment