टाइगर श्रॉफ हमला केस: मुंबई क्राइम ब्रांच को मिला मास्टरमाइंड अनिल पंडित का करीबी, अब खुलेगा साजिश का हर राज महाराष्ट्र एक घंटा पहले 6
अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की साजिश के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने गैंगस्टर अनिल पंडित के बेहद करीबी प्रांजल ठकराल को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे जांच के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़ने की उम्मीद है।

क्राइम ब्रांच के हाथ लगा बड़ा सबूत

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को एक बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसियों ने मामले के मुख्य साजिशकर्ता और गैंगस्टर अनिल पंडित के बेहद करीबी सहयोगी प्रांजल ठकराल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का मानना है कि डिप्लोमा इंजीनियर प्रांजल की गिरफ्तारी इस केस का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी, क्योंकि वह उन सभी कड़ियों को जोड़ सकता है जो सीधे गैंगस्टर अनिल पंडित तक जाती हैं।

गुप्त ऐप से चलता था पूरा नेटवर्क

मुंबई क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच में कई हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर अनिल पंडित और प्रांजल ठकराल के बीच बातचीत का जरिया कोई साधारण माध्यम नहीं था। वे दोनों रोजाना एक गुप्त ऐप का इस्तेमाल करते थे ताकि उनकी लोकेशन और बातचीत की जानकारी पुलिस के हाथ न लग सके। इस पूरी साजिश के दौरान आर्थिक संसाधनों को जुटाने, शूटरों का प्रबंध करने और हमले के लिए लॉजिस्टिक्स तैयार करने की पूरी जिम्मेदारी प्रांजल ठकराल के कंधों पर ही थी।

प्रांजल का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस रिकॉर्ड्स के अनुसार, प्रांजल ठकराल का अपराध जगत से पुराना नाता रहा है। इससे पहले वह पानीपत में एक बड़े व्यापारी पर हुई फायरिंग की घटना में भी शामिल था। उस हमले की साजिश भी अनिल पंडित के इशारे पर रेहान अंसारी और प्रांजल ने मिलकर रची थी। हालांकि, उस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मार्च के महीने में उसे जमानत मिल गई। जेल से रिहा होने के कुछ ही समय बाद, वह फिर से अपने पुराने साथी अनिल पंडित के साथ जुड़ गया और बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ को अपना निशाना बनाने की योजना तैयार की।

साजिश का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

क्राइम ब्रांच के लिए अब प्रांजल सबसे अहम कड़ी बन चुका है। वर्तमान में मुख्य आरोपी अनिल पंडित विदेश में फरार बताया जा रहा है, और उस तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता प्रांजल के पास मौजूद जानकारी है। पुलिस प्रांजल के फोन से प्राप्त गुप्त ऐप की चैट और पैसों के लेन-देन के रिकॉर्ड को खंगाल रही है, जिससे अनिल पंडित के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश होने की पूरी संभावना है।

पुलिस हिरासत में प्रांजल

गिरफ्तारी के बाद प्रांजल को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि हिरासत के दौरान होने वाली पूछताछ में प्रांजल द्वारा रची गई इस साजिश के कई और परतें खुल सकती हैं। क्राइम ब्रांच का पूरा ध्यान अब इस बात पर है कि कैसे प्रांजल से मिली जानकारी के आधार पर विदेश में बैठे असली गुनहगारों तक पहुंचा जाए और इस पूरे गिरोह का खात्मा किया जाए।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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