राजस्थान
एक घंटा पहले
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विचारों
राजनीति का गिरता स्तर
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर तीखी टिप्पणी की है। जोधपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज के दौर में सांसद और विधायक घोड़े, गधों, भैंस और बकरियों की तरह बिक रहे हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों में लगातार हो रही टूट और जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त को लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक बताया है।
महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल का उदाहरण
अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हालात बहुत चिंताजनक हैं। उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह से नेता पार्टियां छोड़कर दूसरी ओर जा रहे हैं या अलग गुट बना रहे हैं, वह सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया लोकतंत्र की आत्मा को कमजोर कर रही है।
धनबल और सत्ता का दुरुपयोग
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राजनीति में अब धनबल और सत्ता के प्रभाव का दखल बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को एक खास विचारधारा और पार्टी को ध्यान में रखकर चुनती है, लेकिन बीच कार्यकाल में ही उनका दल बदल लेना जनादेश का अपमान है। गहलोत ने जोर देकर कहा कि अगर इस खरीद-फरोख्त पर जल्द अंकुश नहीं लगाया गया, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं में आम जनता का भरोसा पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
जोधपुर एलिवेटेड रोड पर सियासी खींचतान
अशोक गहलोत ने जोधपुर में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने में उनका बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि जब उनकी सरकार थी, तब तकनीकी मंजूरी और डिजाइन जैसी चुनौतियां सबसे बड़ी थीं। गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट को लेकर अशोक गहलोत और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच लगातार जुबानी जंग चल रही है, जहाँ दोनों ही नेता इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं।
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