मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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सागर प्रशासन में बड़ा बदलाव
सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों की भयावह घटना के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सागर संभाग के कमिश्नर और आईजी को हटाकर नए अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। अब वरिष्ठ IAS अधिकारी दिलीप कुमार सागर संभाग के नए कमिश्नर के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि वरिष्ठ IPS अधिकारी इरशाद वली को सागर रेंज का नया महानिरीक्षक यानी आईजी नियुक्त किया गया है।
मृतकों की संख्या 15 तक पहुंची
मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार, जहरीली शराब के कारण जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 15 हो गया है। इलाज के दौरान दो और पीड़ितों की मौत के बाद स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। दुखद बात यह है कि मरने वालों में वह व्यक्ति भी शामिल है, जिसका नाम अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। वर्तमान में लगभग 40 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 3 मरीजों की स्थिति अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है और डॉक्टर उनके प्राण बचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
अस्पताल पहुंचे सीएम, परिजनों को देंगे मुआवजा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर वहां भर्ती पीड़ितों और उनके शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल में डॉक्टरों से मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार घायलों के संपूर्ण उपचार का खर्च उठाएगी और पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी। सरकार की ओर से पहले ही मृतकों के परिवारों के लिए 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की जा चुकी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस कठिन समय में सरकार उनके साथ खड़ी है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की खुली छूट
पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि दोषियों को कतई बख्शा न जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को अवैध शराब के कारोबारियों और इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की खुली छूट दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सजा ऐसी होनी चाहिए जो भविष्य के लिए एक उदाहरण बने और कोई भी दोबारा लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
राज्यव्यापी अभियान के निर्देश
अवैध शराब और अन्य असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ पूरे मध्य प्रदेश में सख्त कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल दोषियों को दंडित करना ही काफी नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए अतिक्रमण विरोधी अभियान और कानूनी शिकंजा और अधिक मजबूत किया जाएगा। हालांकि न्यायिक जांच के तौर-तरीकों और समय सीमा के बारे में अभी कोई औपचारिक विवरण साझा नहीं किया गया है, लेकिन सरकार ने यह साफ कर दिया है कि प्रशासनिक लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय करना उनकी प्राथमिकता है।
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