मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित: लिव-इन और शादी के नियमों में होगा बड़ा बदलाव मध्य प्रदेश एक महीने पहले 59
मध्य प्रदेश विधानसभा ने हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) बिल को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत शादी, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कानूनों में व्यापक बदलाव किए गए हैं।

विधानसभा में भारी हंगामे के बीच विधेयक को मिली मंजूरी

भोपाल स्थित मध्य प्रदेश विधानसभा में आज का दिन बेहद गहमागहमी भरा रहा। भारी शोर-शराबे और विपक्षी दलों के विरोध के बीच राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता यानी UCC विधेयक को सफलतापूर्वक पारित करवा लिया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस विधेयक के कई प्रावधानों पर तीखी आपत्ति जताई है और सदन में इसका पुरजोर विरोध किया है। हालांकि, तमाम विरोधों के बावजूद यह विधेयक कानून बनने की दिशा में आगे बढ़ गया है।

विधेयक के मुख्य प्रावधान

इस नए कानून के लागू होने के बाद राज्य में व्यक्तिगत कानूनों की पूरी तस्वीर बदल जाएगी। इसके प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:

  • बहुविवाह पर प्रतिबंध: कानून में बहुविवाह को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है।
  • रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: सभी धर्मों के लोगों के लिए अपनी शादी और तलाक का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • लिव-इन रिलेशनशिप: अगर कोई जोड़ा लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो उसे एक महीने के भीतर इसका पंजीकरण कराना होगा। ऐसा न करने पर तीन महीने तक की जेल की सजा का प्रावधान रखा गया है।
  • अपराध और दंड: तीन तलाक और निकाह हलाला को इस कानून के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
  • बच्चों के अधिकार: चाहे बच्चा जैविक हो, गोद लिया हुआ हो, सरोगेसी के जरिए जन्मा हो या सहायक प्रजनन तकनीक (ART) से आया हो, सभी बच्चों को समान कानूनी और उत्तराधिकार का दर्जा दिया जाएगा।
  • संरक्षण: लिव-इन रिलेशनशिप से जन्मे बच्चों को भी कानूनी मान्यता दी गई है। साथ ही, पुरुष द्वारा महिला साथी को छोड़े जाने की स्थिति में महिला को अदालत के जरिए भरण-पोषण मांगने का कानूनी अधिकार होगा।

किसे मिली राहत और मुख्यमंत्री का बयान

इस प्रस्तावित कानून के दायरे से अनुसूचित जनजातियों को पूरी तरह बाहर रखा गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस ऐतिहासिक कदम पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 8.5 करोड़ लोगों के लिए यह एक सुनहरा दिन है। मोहन यादव ने इसे डॉ. भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विजन से जोड़ते हुए कहा कि यह महिलाओं को बहुविवाह जैसी कुरीतियों से मुक्ति दिलाएगा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी की मानसिकता ही देश के विभाजन का कारण बनी थी। उन्होंने दावा किया कि यह कानून महिलाओं के अधिकारों को मजबूती प्रदान करेगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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