मध्य प्रदेश
2 घंटे पहले
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मुरैना के हेतमपुर रेलवे जंक्शन पर हुए दिल दहला देने वाले हादसे की वजह अब सामने आ गई है। महज एक छोटी-सी गलतफहमी और उससे फैली अफवाह ने 8 लोगों की जान ले ली। हादसे की शुरुआत मुरैना-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से हुई, लेकिन मौत का असली कारण पातालकोट एक्सप्रेस बनी।
कैसे फैली आग लगने की अफवाह
उदयपुर इंटरसिटी उस समय सामान्य रफ्तार से दौड़ रही थी, तभी अचानक यह अफवाह फैल गई कि ट्रेन में आग लग गई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने मीडिया को बताया कि कुछ यात्री अपने मोबाइल फोन चार्ज कर रहे थे। इसी बीच किसी बात पर भ्रम पैदा हुआ और किसी ने चिल्लाकर कह दिया कि 'ट्रेन में आग लग गई है'।
देखते ही देखते यह बात पूरी ट्रेन में फैल गई। हकीकत में कहीं कोई आग नहीं लगी थी, फिर भी डर के मारे यात्रियों में भगदड़ मच गई और कुछ लोगों ने चेन पुलिंग कर दी।
ट्रेन रुकते ही पटरी पर कूदने लगे यात्री
आग की आशंका से घबराए यात्रियों ने आनन-फानन में चेन खींच दी, जिससे उदयपुर इंटरसिटी हेतमपुर के पास रुक गई। ट्रेन के रुकते ही यात्री जान बचाने के लिए नीचे कूदने लगे। इनमें कई यात्री बागेश्वर धाम से लौट रहे थे और दहशत में चलती ट्रेन से भी कूदने की कोशिश करने लगे।
दूसरी पटरी पर खड़े यात्रियों के लिए काल बनी पातालकोट
इंटरसिटी से उतरकर यात्री बगल वाली दूसरी पटरी पर जाकर खड़े हो गए, यह सोचकर कि वहां वे सुरक्षित रहेंगे। लेकिन उनके वहां पहुंचने के चंद मिनट बाद ही पातालकोट एक्सप्रेस आ गई। पटरी पर खड़े यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और इस ट्रेन की चपेट में आकर 8 यात्री कट गए।
हादसे का दर्दनाक मंजर
इस भीषण हादसे में कुल 8 यात्रियों की मौत हुई है, जिनमें 4 महिलाएं और 4 मासूम बच्चे शामिल हैं। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक किसी ने चिल्लाकर यात्रियों को पटरी से हटने के लिए भी कहा था, लेकिन पातालकोट एक्सप्रेस की रफ्तार के आगे कोई कुछ नहीं कर सका। घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई।
राहत कार्य पूरा, रूट हुआ क्लियर
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंच गए। शुरुआती जांच में साफ हो गया कि पूरा हादसा सिर्फ एक अफवाह की वजह से हुआ। फिलहाल राहत कार्य पूरा कर लिया गया है और दोनों ट्रेनों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है। रेलवे रूट अब पूरी तरह सुचारू है।
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