मध्य प्रदेश
2 घंटे पहले
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मुरैना ट्रेन हादसे को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। झांसी रेल मंडल के डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने इस हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। इसके साथ ही उन्होंने घटना को लेकर अहम जानकारी साझा करते हुए बताया कि आखिर उस ट्रैक पर ऐसी क्या परिस्थिति बनी, जिसके चलते इतना बड़ा हादसा हो गया।
कैसे हुआ हादसा
डीआरएम के अनुसार, हेतमपुर रेलवे जंक्शन के पास खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी ट्रेन चेन-पुलिंग के बाद रुक गई थी। ट्रेन रुकते ही कुछ यात्री, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, नीचे उतर गए। ठीक उसी समय पास के घुमावदार ट्रैक पर आगरा की ओर से पातालकोट एक्सप्रेस आ रही थी।
डीआरएम ने आगे बताया कि ट्रैक के घुमाव की वजह से पटरी पर मौजूद लोगों को शायद आती हुई ट्रेन दिखाई नहीं दी। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाने की कोशिश भी की, लेकिन तेज रफ्तार से आ रही ट्रेन यात्रियों पर चढ़ गई। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत की पुष्टि हुई है।
एक महिला ने खींची थी चेन
डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने स्पष्ट किया कि यह हादसा महज एक अफवाह के कारण हुआ। उन्होंने बताया कि ट्रेन के जनरल कोच में न तो कोई मोबाइल ब्लास्ट हुआ और न ही कोई शॉर्ट सर्किट की घटना हुई। यह सिर्फ अफवाह फैलाई गई थी।
उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि जनरल बोगी में 120 के करीब लोग सवार रहते हैं, और अगर वास्तव में ऐसी कोई घटना घटी होती तो उसकी तस्वीर भी सामने आती, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। डीआरएम के मुताबिक, अफवाह फैलने के बाद एक महिला ने चेन खींची थी और इसका रिकॉर्ड भी रेलवे के पास मौजूद है। इसके बाद ही यात्री ट्रेन से नीचे कूदे।
आग लगने की झूठी अफवाह बनी वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में किसी यात्री ने आग लगने की अफवाह फैला दी, जिसके चलते जनरल कोच में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ ही मिनटों में यात्रियों में दहशत फैल गई और किसी ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी।
ट्रेन रुकते ही बड़ी संख्या में यात्री नीचे उतरकर इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान कुछ यात्री दूसरी रेलवे लाइन पर पहुंच गए। तभी उसी ट्रैक से गुजर रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
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