सिरसा: एक ही गांव में फैला हेपेटाइटिस A का संक्रमण, 100 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हरियाणा 2 घंटे पहले 3
हरियाणा के सिरसा जिले के देसूजोधा गांव में दूषित पानी पीने से 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए हैं, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

सिरसा के देसूजोधा गांव में स्वास्थ्य संकट

हरियाणा के सिरसा जिले में स्थित देसूजोधा गांव में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या सामने आई है। यहाँ पीने के पानी में संक्रमण के चलते 100 से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं। बीमार होने वालों में युवाओं और बच्चों की संख्या अधिक है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में दूषित पानी की आपूर्ति हुई है, जिससे यह संक्रमण फैला है। मरीजों में हेपेटाइटिस A की पुष्टि होने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

गंभीर मरीजों की स्थिति और इलाज

इस बीमारी के कारण कई मरीजों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। इनमें 21 वर्षीय प्रभजोत, जो मलकीत सिंह की बेटी हैं, और 18 वर्षीय प्रीत कौर, जो कुलदीप सिंह की बेटी हैं, की स्थिति काफी गंभीर बताई जा रही है। इन दोनों का इलाज क्रमशः एम्स बठिंडा और डीएमसी लुधियाना के अस्पतालों में वेंटिलेटर पर किया जा रहा है। इसके अलावा जसमीत कौर, हरप्रीत कौर, गोपी, मनप्रीत कौर, राजकरण और गुरनूर सहित कई अन्य मरीज सिरसा, डबवाली, बठिंडा, लुधियाना और रामा मंडी के विभिन्न अस्पतालों में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।

दूषित पानी और पाइपलाइन में लीकेज का मामला

गांव के सरपंच चरणजीत सिंह और स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव में नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। लोगों का आरोप है कि पुरानी पाइपलाइन को बदलने के दौरान हुई लीकेज के कारण घरों में प्रदूषित जल की आपूर्ति हुई। पिछले एक सप्ताह से बीमार होने वाले लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई, जिसके बाद मेडिकल जांच से स्पष्ट हुआ कि यह हेपेटाइटिस A का प्रकोप है। गांव वालों ने शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था।

स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पिछले 5 दिनों में गांव के 540 लोगों के स्वास्थ्य के नमूने लिए हैं। इन नमूनों की जांच में 216 मामले संदिग्ध पाए गए हैं, जिनमें से 45 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों का विवरण इस प्रकार है:

  • 5 साल तक की उम्र के 2 बच्चे।
  • 18 साल तक की उम्र के 26 मरीज।
  • 60 साल तक की उम्र के 17 मरीज।
  • कुल भर्ती मरीजों में 30 पुरुष और 15 महिलाएं शामिल हैं।

शनिवार को जिला प्रशासन की एक टीम ने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि शुद्ध पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि प्रभावित मरीजों के इलाज का सारा खर्च सरकार उठाएगी।

प्रशासन की सलाह और भविष्य के कदम

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बीमार लोगों में हेपेटाइटिस A के लक्षण पाए गए हैं, जो आमतौर पर दूषित भोजन या जल के सेवन से फैलता है। विभाग ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे पानी को उबालकर पिएं और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। पब्लिक हेल्थ विभाग के SDO विशाल जियानी ने बताया कि पाइपलाइन बदलने का काम जारी है जिसे 10 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। लीकेज वाली जगहों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप