विश्व पर्यावरण दिवस: 'ग्रीन बिजनेस' से कमाई और भलाई दोनों, सरकार दे रही सब्सिडी और सस्ता कर्ज व्यापार एक घंटा पहले 3
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर अगर आप अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो सोलर, वेस्ट मैनेजमेंट और ईवी चार्जिंग जैसे ग्रीन बिजनेस बेहतरीन विकल्प हैं, जिन पर सरकार सब्सिडी के साथ सस्ता ग्रीन लोन भी मुहैया करा रही है।

आज पूरी दुनिया 'विश्व पर्यावरण दिवस' मना रही है। एक ओर जहां बढ़ता प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग पूरे विश्व के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़े हैं, वहीं दूसरी ओर यही चुनौती युवाओं और नए उद्यमियों के लिए 'ग्रीन बिजनेस' के रूप में कमाई का शानदार रास्ता बनकर सामने आई है। सबसे खास बात यह है कि पर्यावरण को फायदा पहुंचाने वाले इन कारोबारों को शुरू करने के लिए सरकार न केवल बड़ी सब्सिडी दे रही है, बल्कि बैंकों के माध्यम से बेहद सस्ते और आसान 'ग्रीन लोन' की सुविधा भी दे रही है।

ग्रीन बिजनेस ऐसे कारोबार होते हैं जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसकी रक्षा में मदद करते हैं। आइए जानते हैं कि आप कौन-कौन से ग्रीन बिजनेस शुरू कर सकते हैं और इनमें सरकार आपकी किस तरह मदद कर रही है।

सोलर एनर्जी बिजनेस

बिजली के बढ़ते बिल और प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार का सबसे बड़ा ध्यान सोलर सेक्टर पर है। आप सोलर पैनल डीलरशिप, सोलर प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग या सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से जुड़ा स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं। सरकार की 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' और अन्य रूफटॉप सोलर योजनाओं के तहत कमर्शियल और घरेलू दोनों स्तर पर सोलर प्लांट लगाने के लिए भारी सब्सिडी दी जा रही है। छोटे उद्योगों को इसमें 30% से 40% तक की सब्सिडी मिल जाती है।

रीसाइक्लिंग और वेस्ट मैनेजमेंट

प्लास्टिक, ई-कचरा और सॉलिड वेस्ट की रीसाइक्लिंग आज के दौर का सबसे तेजी से बढ़ने वाला कारोबार है। आप पुरानी प्लास्टिक बोतलों से कपड़े तैयार करने, पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान से कीमती धातु निकालने या गीले कचरे से ऑर्गेनिक खाद बनाने का प्लांट लगा सकते हैं। 'स्वच्छ भारत मिशन' और 'स्टार्टअप इंडिया' के तहत वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार लैंड अलॉटमेंट और प्लांट मशीनरी की खरीद पर विशेष ग्रांट और सब्सिडी देती है।

ईवी चार्जिंग स्टेशन और इको-फ्रेंडली पैकेजिंग

देश में जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे ईवी चार्जिंग स्टेशनों की मांग भी तेज होती जा रही है। इसके अलावा प्लास्टिक पैकेजिंग पर बैन लगने के बाद 'बायोडिग्रेडेबल' और पेपर पैकेजिंग का कारोबार भी जोर पकड़ चुका है।

क्या हैं 'ग्रीन लोन' स्कीम्स और कम ब्याज की शर्तें?

ग्रीन लोन वे कर्ज होते हैं जो पर्यावरण के अनुकूल प्रोजेक्ट और बिजनेस को दिए जाते हैं। सरकार और देश के बड़े बैंक 'ग्रीन फाइनेंसिंग' के तहत बेहद सस्ते कर्ज दे रहे हैं। सिडबी (SIDBI) जैसी सरकारी संस्थाएं और एसबीआई (SBI), पीएनबी (PNB) जैसे बैंक ग्रीन प्रोजेक्ट्स के लिए सामान्य बिजनेस लोन की तुलना में 1% से 2% तक कम ब्याज दर पर कर्ज दे रहे हैं।

'क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेस' (CGTMSE) के तहत कई ग्रीन स्टार्टअप्स को बिना कोई प्रॉपर्टी गिरवी रखे लोन मिल जाता है। इन कर्जों को चुकाने के लिए बैंकों की ओर से अतिरिक्त समय यानी मॉरेटोरियम पीरियड भी दिया जाता है, ताकि जब तक आपका कारोबार जम न जाए, तब तक आप पर ईएमआई का बोझ न पड़े।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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