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3 घंटे पहले
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परप्पना अग्रहारा जेल में औचक छापेमारी
बेंगलुरु स्थित परप्पना अग्रहारा केंद्रीय कारागार में उस समय हड़कंप मच गया जब केंद्रीय अपराध शाखा यानी CCB ने वहां एक बड़ी छापेमारी की। इस तलाशी अभियान के दौरान दुष्कर्म के मामलों में जेल में बंद प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किया गया है। जेल एवं सुधार सेवाओं के पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने बुधवार को इस घटना की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह छापेमारी मंगलवार को की गई थी और यह तलाशी प्रक्रिया करीब चार से पांच घंटे तक चली। इस दौरान जेल के भीतर बंद हाई-प्रोफाइल कैदियों के ठिकानों की गहन जांच की गई।
मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू
जेल प्रशासन ने इस सुरक्षा चूक को बेहद गंभीरता से लिया है। आलोक कुमार के अनुसार, सीसीबी ने इस संबंध में परप्पना अग्रहारा पुलिस थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी है और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। जेल अधिकारियों का कहना है कि यह सुरक्षा के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
सहायक अधीक्षक पर गिरी गाज
जेल में प्रतिबंधित सामग्री मिलने के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस महानिदेशक (दक्षिण) द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर सहायक अधीक्षक इरन्ना रंगापुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, बेंगलुरु केंद्रीय कारागार के अधीक्षक को भी इस लापरवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी चूक न हो। बता दें कि इससे पहले 6 अगस्त को भी रेवन्ना की बैरक की तलाशी ली गई थी, लेकिन तब उस समय कोई भी प्रतिबंधित सामान नहीं मिला था। वहीं, 11 अगस्त को हुई पिछली जांच में भी कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई थी।
कौन हैं प्रज्वल रेवन्ना
प्रज्वल रेवन्ना ने वर्ष 2019 से 2024 तक हासन लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। यौन उत्पीड़न के विभिन्न मामलों के सिलसिले में उन्हें मई 2024 में गिरफ्तार किया गया था और बाद में एक दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिया गया। बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने अगस्त 2025 में प्रज्वल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से ही वह परप्पना अग्रहारा जेल में अपनी सजा काट रहे हैं।
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