मिर्जापुर की लखनिया दरी तीन महीने से सील, ठेकेदारों के विवाद से पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों को भारी नुकसान उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
मिर्जापुर का मशहूर लखनिया दरी वॉटरफॉल विवादों के चलते पिछले तीन महीनों से बंद है, जिसका सीधा असर वहां के स्थानीय लोगों की कमाई पर पड़ रहा है।

पर्यटकों के लिए बंद हुआ लखनिया दरी

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लखनिया दरी पिछले तीन महीने से पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस वॉटरफॉल पर हर दिन बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते थे, लेकिन अब वहां ताला लगा होने के कारण उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। इस अनिश्चितकालीन बंदी ने स्थानीय स्तर पर पर्यटन को ठप कर दिया है।

विवाद की जड़ और टेंडर का रद्द होना

इस पूरे मामले की शुरुआत लखनिया दरी पर वन विभाग के ठेकेदारों और वहां घूमने आए सैलानियों के बीच हुई एक तीखी नोकझोंक से हुई थी। विवाद के बाद घटनास्थल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो गया था। इस मामले ने तूल पकड़ा तो वन विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित ठेकेदार का टेंडर तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। इसी घटना के बाद से वॉटरफॉल के प्रवेश द्वार को बंद करने का आदेश जारी किया गया था।

स्थानीय लोगों के रोजगार पर संकट

इस तालाबंदी के कारण स्थानीय दुकानदार और वहां के छोटे कारोबारी बेहद परेशान हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि वॉटरफॉल के आसपास संचालित हो रहे निजी वॉटर पार्क मालिकों ने एक सोची समझी साजिश रची है, ताकि लखनिया दरी बंद रहे और पर्यटक उनके वॉटर पार्क की ओर रुख करें। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए क्योंकि वॉटरफॉल के बंद होने से उन लोगों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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