क्राइम
2 महीने पहले
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विचारों
आजकल बच्चों और किशोरों में मोबाइल फोन का बढ़ता क्रेज एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। कई बार यह छोटी सी आदत एक बड़ी त्रासदी का रूप ले लेती है। ऐसा ही एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला ओडिशा से सामने आया है, जिसने मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल और उसके बाद पैदा होने वाले मानसिक तनाव के गंभीर खतरों को उजागर किया है। ओडिशा के बालासोर जिले में महज एक मोबाइल फोन को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के बाद एक नाबालिग लड़की ने मौत को गले लगा लिया। इस घटना से पूरे इलाके के लोग स्तब्ध हैं।
यह हृदयविदारक घटना ओडिशा के बालासोर जिले की है। यहां राजबेरहमपुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गागापाल गांव में रहने वाली एक नाबालिग लड़की ने मामूली से विवाद के बाद अपनी जिंदगी खत्म कर ली। मृतका की पहचान रुनू नायक के रूप में की गई है। इस दुखद हादसे ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है, बल्कि आधुनिक समय में मोबाइल की लत के खतरनाक परिणामों पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
फोन छीनकर तोड़ने पर भड़क उठी नाबालिग
यह दर्दनाक घटना गुरुवार सुबह की बताई जा रही है। जब घर के अन्य सदस्य अपने रोजाना के कामों में व्यस्त थे, तब रुनू नायक हमेशा की तरह काफी देर से अपने मोबाइल फोन में डूबी हुई थी। उसे लगातार फोन का इस्तेमाल करते देख उसकी मां और मामा ने उसे टोकना शुरू किया। उन्होंने रुनू से तुरंत फोन बंद करके उसे वापस सौंपने को कहा। हालांकि, रुनू ने अपने परिजनों की बात मानने से साफ इनकार कर दिया और जिद पर अड़ गई।
दोनों पक्षों में बहस इतनी अधिक बढ़ गई कि गुस्से में आकर परिवार के सदस्यों ने उसके हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया और उसे जमीन पर पटककर तोड़ दिया। अपना पसंदीदा मोबाइल फोन इस तरह अचानक टूटता देख नाबालिग लड़की गुस्से और गहरे अवसाद से भर उठी। उसने बिना आव देखा न ताव, खुद को तुरंत एक कमरे के अंदर बंद कर लिया।
कमरे में बंद होकर खा लिया कीटनाशक
क्रोध और हताशा के वश में होकर रुनू ने कमरे के भीतर रखा हुआ जहरीला कीटनाशक गटक लिया। काफी देर तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई और दरवाजा अंदर से बंद मिला, तो परिजनों को किसी अनहोनी का गहरा अंदेसा हुआ। उन्होंने तुरंत दौड़कर कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि रुनू वहां बेहोश पड़ी थी।
परिजनों ने बिना एक पल गंवाए उसे गोद में उठाया और आनन-फानन में पड़ोसी जिले मयूरभंज के उदाला मेडिकल कॉलेज लेकर भागे। वहां डॉक्टरों ने उसकी बारीकी से जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद लड़की को मृत घोषित कर दिया। इस मनहूस खबर ने पूरे परिवार को पूरी तरह से तोड़ कर रख दिया है।
परिजनों का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद से मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे खुद को कोस रहे हैं और बदहवास स्थिति में हैं। परिवार के एक सदस्य ने बेहद भावुक होते हुए इस पूरी घटना को बयां किया। उन्होंने रोते हुए कहा:
"वह बहुत लंबे समय से लगातार मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रही थी। जब हमने उसकी इस बुरी लत को सुधारने और रोकने के लिए उससे फोन वापस लिया, तो वह बुरी तरह नाराज हो गई। गुस्से में आकर उसने खुद को कमरे के अंदर बंद कर लिया और वहां रखा कीटनाशक खा लिया। हम उसे तुरंत अस्पताल लेकर भागे लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह ऐसा खौफनाक कदम उठा लेगी।"
घटना से जुड़े अहम सवाल और उनके जवाब
इस दुखद घटना से जुड़े कुछ प्रमुख सवाल और उनके जवाब इस प्रकार हैं:
- सवाल: मोबाइल विवाद में खुदकुशी करने वाली नाबालिग लड़की की पहचान किस रूप में हुई है और यह घटना कहां की है?
जवाब: मृतका की पहचान रुनू नायक के तौर पर हुई है। यह दुखद घटना ओडिशा राज्य के बालासोर जिले के अंतर्गत राजबेरहमपुर पुलिस सीमा क्षेत्र में आने वाले गागापाल गांव की है। - सवाल: फोन छीने जाने और तोड़े जाने के बाद नाबालिग लड़की ने क्या कदम उठाया और डॉक्टरों ने क्या कहा?
जवाब: मोबाइल फोन तोड़े जाने से बेहद नाराज होकर लड़की ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और वहां रखा कीटनाशक पी लिया। परिजन उसे मयूरभंज जिले के उदाला मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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