उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से जुड़े जो किसान दिन-रात मेहनत कर खेतों में फसल तो उगाते हैं, लेकिन उन्हें उपज की वाजिब कीमत नहीं मिल पाती, उनके लिए राहत भरी खबर है। अगर ये किसान अपनी फसल को फूड प्रोसेसिंग के जरिए तैयार कर बाजार में बिक्री के लिए लाएं, तो वे एक सफल कारोबारी के रूप में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए सरकार की ओर से विशेष रूप से अनुदान भी मुहैया कराया जा रहा है।
किसानों को मिल रहा 35 फीसदी अनुदान
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि किसानों की आय दोगुनी करने के मकसद से सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत लोन उपलब्ध करा रही है। इसी कड़ी में किसान खाद सूक्ष्म योजना के अंतर्गत 500000 से लेकर 30 लाख रुपए तक का लोन लेकर फूड प्रोसेसिंग से जुड़ा काम शुरू कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को 35% तक की सब्सिडी दी जाएगी, ताकि वे फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में बेहतर काम करते हुए एक अच्छे कारोबारी के रूप में आगे बढ़ सकें। इसके अलावा केंद्र सरकार की योजना के तहत उन्हें ब्याज में भी 6% तक की छूट का लाभ मिलेगा।
उद्यान विभाग से मिलेगी हर तरह की मदद
जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार, फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के इच्छुक किसानों को मोदीपुरम में संचालित खाद विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसके साथ ही उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे बेहतर फसल उगाने के साथ-साथ प्रोसेसिंग के काम में भी दक्ष हो सकें।
उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर की मांग भी यही है कि किसान केवल फसल उगाने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी कदम रखें। उन्होंने बताया कि मेरठ में कई ऐसे किसान हैं, जिन्होंने इस दिशा में काम किया है और अब अच्छी कमाई कर रहे हैं।
कैसे उठाएं योजना का लाभ
जो भी किसान फूड प्रोसेसिंग से अपना भविष्य संवारना चाहते हैं, वे जिला उद्यान विभाग में संपर्क कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत गेहूं से आटा बनाने, अचार और मुरब्बा तैयार करने सहित कई तरह के कारोबार शामिल हैं।
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