हिमाचल प्रदेश
एक घंटा पहले
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा में 99.57 प्रतिशत अंक हासिल कर मंडी जिले में पहला स्थान पाने वाली छात्रा अलीषा को एक दिन के लिए डीसी मंडी की कुर्सी संभालने का मौका मिला। ऑक्सफोर्ड स्कूल कोटली की इस होनहार छात्रा को यह खास जिम्मेदारी डीसी मंडी अपूर्व देवगन की एक विशेष पहल के तहत सौंपी गई।
पूरे दिन देखा प्रशासन का कामकाज
इस दौरान अलीषा ने दिनभर विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों में हिस्सा लेते हुए जिला प्रशासन के कार्यों को बेहद करीब से देखा और समझा। उन्होंने लोगों की शिकायतें और समस्याएं सुनीं, अधिकारियों के काम करने के तरीके को परखा तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं की बारीकियां जानीं। इसके साथ ही उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह में भी शिरकत की।
राज्यव्यापी मेगा मॉक ड्रिल के दौरान अलीषा ने आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया तथा अलग-अलग विभागों एवं एजेंसियों की भूमिका को नजदीक से समझा। उन्होंने इस अनूठे अनुभव के लिए डीसी मंडी का आभार व्यक्त किया।
आईएएस अफसर बनना है सपना
अलीषा ने खुशी जताते हुए कहा कि एक दिन के लिए उपायुक्त की भूमिका निभाना उनके लिए हमेशा याद रहने वाला अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि यह अवसर किसी सपने के सच होने जैसा है, जिसने उन्हें अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की नई प्रेरणा दी है।
उन्होंने बताया कि उनका सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस अधिकारी बनना है। अलीषा के अनुसार, आज प्रशासनिक कामकाज को इतने करीब से देखने और समझने का जो मौका मिला, वह उनके भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
बच्चों को मिले सही दिशा: डीसी देवगन
डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि यह पहल बच्चों को प्रशासनिक व्यवस्था और शासन प्रणाली से रूबरू कराने के मकसद से शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाली छात्रा को एक दिन के लिए डीसी की जिम्मेदारी दी गई थी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और खासकर मंडी जिले के बच्चे बेहद प्रतिभाशाली हैं, बस उन्हें सही एक्सपोजर और उचित मार्गदर्शन देने की जरूरत है। देवगन के मुताबिक अलीषा ने न सिर्फ जिले में शीर्ष स्थान हासिल किया, बल्कि प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है, जो पूरे जिले के लिए गर्व की बात है।
अन्य छात्रों को दिया प्रेरणादायक संदेश
अलीषा ने दूसरे विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता के लिए खुद का सही आकलन करना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी खूबियों और कमजोरियों को पहचानकर लगातार मेहनत करते रहना चाहिए।
इस मौके पर अलीषा की माता और उनकी अध्यापिका भी मौजूद रहीं। उन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सम्मान दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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