ओडिशा में प्रशासनिक लापरवाही: जिंदा इंसान को सरकारी रिकॉर्ड में बता दिया 'मृत', राशन समेत सभी लाभ रुके भारत एक महीने पहले 43
ओडिशा के गजपति जिले में एक व्यक्ति को सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया गया, जिसके कारण उनका आधार निष्क्रिय हो गया और वे सरकारी योजनाओं से वंचित हो गए।

प्रशासन की बड़ी भूल से संकट में एक परिवार

ओडिशा के गजपति जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया। आर. उदयगिरि ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले रनलाई गांव के निवासी जखरिया पाल को तब एक बड़ा झटका लगा, जब उन्हें सरकारी तंत्र की एक भारी भूल के कारण मृत करार दे दिया गया। इस गलती का सीधा असर उनके जीवन पर पड़ा, क्योंकि आधार कार्ड के मृत स्टेटस के कारण उन्हें मिलने वाला राशन और अन्य तमाम सरकारी सुविधाएं अचानक बंद हो गई हैं।

राशन लेने पहुंचे तो पता चली सच्चाई

पीड़ित 46 वर्षीय जखरिया पाल के साथ यह घटना तब उजागर हुई, जब वह सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला सस्ता राशन प्राप्त करने के लिए डीलर के पास गए। जब डीलर ने उनके आधार कार्ड को ऑनलाइन सिस्टम में जांचा, तो वह हैरान रह गए। सिस्टम में जखरिया पाल का आधार नंबर सक्रिय नहीं था और उन्हें रिकॉर्ड में 'मृत' दिखाया गया था। वैध आधार कार्ड होने के बावजूद, डिजिटल डेटाबेस में मृत घोषित किए जाने के चलते वे किसी भी सरकारी लाभ के लिए अयोग्य हो गए। आज के दौर में जब आधार कार्ड हर बुनियादी सुविधा के लिए अनिवार्य है, तो इस तरह की भूल किसी के भी जीवन को पूरी तरह से ठप करने के लिए पर्याप्त है।

जिलाधिकारी ने मानी अधिकारियों की चूक

इस पूरे मामले पर गजपति के जिलाधिकारी अक्षय सुनील अग्रवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह पूरी घटना प्रशासनिक अधिकारियों की एक गंभीर चूक है। जिलाधिकारी के अनुसार, यह गलती तब हुई जब संबंधित कर्मचारी को जखरिया पाल के दिवंगत भाई का आधार नंबर निष्क्रिय करना था, लेकिन उसकी जगह भूलवश जखरिया पाल का ही आधार नंबर बंद कर दिया गया। अक्षय सुनील अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस त्रुटि को तुरंत सुधारने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही, भुवनेश्वर स्थित संबंधित दफ्तर को भी इस डेटा सुधार प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने को कहा गया है, ताकि जखरिया पाल का आधार स्टेटस जल्द से जल्द सामान्य हो सके और उन्हें फिर से सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने लगे।

प्रशासन का सुधार का भरोसा

जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि तकनीकी प्रक्रिया पूरी होते ही उनका आधार कार्ड फिर से काम करने लगेगा। जैसे ही आधार का स्टेटस बहाल होगा, वैसे ही राशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का लाभ उन्हें पुनः मिलना शुरू हो जाएगा। यह घटना स्पष्ट करती है कि प्रशासनिक रिकॉर्ड में होने वाली छोटी सी क्लेरिकल गलती किसी व्यक्ति के रोजमर्रा के जीवन पर कितना गहरा और प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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