कभी कांग्रेस को अनदेखा करने वाली ममता बनर्जी का बदला रुख, सोनिया गांधी को बताया अपना नेता राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 4
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी का राजनीतिक अंदाज पूरी तरह बदल गया है। दिल्ली में इंडिया गठबंधन की रैली के दौरान उन्होंने सोनिया गांधी को अपना नेता बताते हुए विपक्षी एकजुटता का बड़ा संकेत दिया है।

ममता बनर्जी की राजनीति में नया मोड़

भारतीय राजनीति के उतार-चढ़ाव भरे माहौल में एक ऐसा बदलाव देखने को मिला है जिसने सबको चौंका दिया है। पश्चिम बंगाल में अपनी शर्तों पर राजनीति करने के लिए मशहूर तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी अब कांग्रेस पार्टी के प्रति काफी नरम दिखाई दे रही हैं। एक समय था जब ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस को तवज्जो देने से कतराती थीं, लेकिन दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई इंडिया गठबंधन की महारैली के बाद समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं।

सोनिया गांधी को दी विशेष प्राथमिकता

इंडिया गठबंधन की इस रैली में ममता बनर्जी का पूरा अंदाज बदला हुआ था। उन्होंने मंच से अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, मेरी नेता सोनिया जी को मेरा नमस्ते। सोनिया गांधी के ठीक बगल में बैठकर जिस तरह से ममता ने उनके प्रति आदर भाव व्यक्त किया, उसने राजनीतिक जानकारों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यह पहली बार है जब ममता ने सार्वजनिक रूप से सोनिया गांधी को अपना नेता स्वीकार किया है, जो कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच भविष्य के नए रिश्तों का आधार बन सकता है।

राहुल गांधी और वामपंथी नेताओं के प्रति बदला नजरिया

ममता बनर्जी ने केवल सोनिया गांधी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के अन्य शीर्ष नेताओं की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने राहुल गांधी को लड़ाई लड़ रहे युवा नेता कहकर संबोधित किया। इसके अलावा उन्होंने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम ए बेबी का नाम लेकर सबको हैरान कर दिया, क्योंकि बंगाल की राजनीति में वामपंथी दल लंबे समय से उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। ममता का यह व्यवहार इस बात को स्पष्ट करता है कि अब वे राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता के लिए अपनी पुरानी कड़वाहट को पीछे छोड़ने के लिए तैयार हैं।

विपक्षी एकजुटता की नई तस्वीर

रैली के दौरान ममता बनर्जी ने न केवल कांग्रेस बल्कि मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव जैसे अन्य प्रमुख नेताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सभी एक साथ मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं। मंच पर मौजूद सभी दिग्गजों के बीच ममता की मौजूदगी और उनके बदले हुए तेवर यह दर्शाते हैं कि विपक्षी गठबंधन अब आने वाले समय में एक बड़ी चुनौती बनकर उभरने की कोशिश कर रहा है। बंगाल चुनाव के बाद ममता का यह कदम राष्ट्रीय राजनीति की दिशा को पूरी तरह से बदलने वाला साबित हो सकता है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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