महाराष्ट्र महायुति में निगमों के बंटवारे पर बनी सहमति, विधायक संख्या तय करेगी हिस्सेदारी महाराष्ट्र एक घंटा पहले 3
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने निगमों और फंड वितरण को लेकर चल रहे विवाद को खत्म कर लिया है। अब बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी को उनके विधायकों की संख्या के अनुपात में हिस्सेदारी मिलेगी।

वर्षा आवास पर अहम बैठक और समाधान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास 'वर्षा' पर महायुति की समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में लंबे समय से चर्चा का विषय बने निगमों के बंटवारे से जुड़े विवाद को सुलझा लिया गया है। गठबंधन ने यह तय किया है कि भविष्य में सभी निगमों का आवंटन बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के पास मौजूद विधायकों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। इस फैसले की आधिकारिक घोषणा जल्द ही किए जाने की उम्मीद है।

बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरीश महाजन और चंद्रशेखर बावनकुले उपस्थित थे। शिवसेना की ओर से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ उदय सामंत, शंभूराज देसाई और दादा भुसे ने भाग लिया। वहीं एनसीपी का प्रतिनिधित्व सुनेत्रा पवार, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ और संजय खोडके ने किया।

समन्वय समिति के निर्देश और लक्ष्य

  • गठबंधन ने यह निर्णय लिया है कि जिन क्षेत्रों में अभी भी विवाद की स्थिति है, उन्हें जल्द से जल्द हल किया जाए। इसके लिए हर मंगलवार को बैठक बुलाकर मामलों का निपटारा करने का निर्देश दिया गया है।
  • मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी लंबित विषयों को पूरी गंभीरता से लेते हुए अगले एक महीने के भीतर अंतिम रूप दिया जाए।
  • सूत्रों के अनुसार, विभिन्न महामंडलों के अध्यक्षों और सदस्यों के नामों को भी जल्द से जल्द अंतिम रूप देकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

DPDC के फंड और सदस्यों पर नई व्यवस्था

  • DPDC में 60% सदस्यों और फंड वितरण का पूर्ण अधिकार सत्तारूढ़ दल के विधायकों के पास रहेगा, जबकि 30% फंड का वितरण पालकमंत्री के द्वारा किया जाएगा।
  • समितियों में भी यही अनुपात बरकरार रखा जाएगा।
  • जिन निर्वाचन क्षेत्रों में पालकमंत्री और सत्तारूढ़ दल के विधायक मौजूद हैं, वहां 60% हिस्सेदारी रहेगी। वहीं महायुति के अन्य सहयोगी दलों के सत्तारूढ़ विधायकों को 20% हिस्सेदारी सौंपी जाएगी।
  • DPDC समितियों के सदस्यों की नियुक्ति का अधिकार भी महायुति के घटक दलों के विधायकों के पास ही रहेगा।

महामंडलों का वर्गीकरण और सत्ता संतुलन

  • महामंडलों को अब A, B और C तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जिसके आधार पर ही इनका आवंटन होगा।
  • A कैटेगरी में सबसे बड़े और महत्वपूर्ण महामंडलों को रखा जाएगा, जबकि अन्य को B और C श्रेणियों में स्थान दिया गया है।
  • चूंकि गठबंधन में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए उसे महामंडलों और DPDC समितियों के बंटवारे में सबसे बड़ी हिस्सेदारी प्राप्त होगी।
  • बीजेपी के बाद एकनाथ शिंदे की शिवसेना और फिर एनसीपी को हिस्सा मिलेगा।
  • मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए हैं कि महायुति के छोटे सहयोगी दलों को भी DPDC और महामंडलों में उचित स्थान दिया जाए ताकि सभी को प्रतिनिधित्व मिल सके।

नेतृत्व पर बावनकुले की दोटूक

बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यह नेतृत्व परिवर्तन का कोई मंच नहीं है। विपक्ष को अनावश्यक रूप से नेतृत्व बदलने की जल्दी है, जबकि इसका कोई औचित्य ही नहीं है।

चंद्रशेखर बावनकुले ने आगे कहा कि जनता ने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भारी जनादेश दिया है और 235 विधायक चुनकर आए हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें डर है कि जब तक देवेंद्र फडणवीस सत्ता में हैं, तब तक उनकी राजनीतिक दुकान नहीं चलेगी। बैठक में आगामी एमएलसी चुनावों, नगर पंचायत चुनावों और जनता से किए गए वादों को पूरा करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। गठबंधन के सभी दलों ने आने वाले सभी चुनाव एक साथ मिलकर लड़ने का संकल्प दोहराया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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