महाराष्ट्र में चोरों का कारनामा: डिपो से चुराई नई नवेली बस, लेकिन एक पंचर ने बिगाड़ा सारा खेल क्राइम एक घंटा पहले 4
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में जामनेर एसटी डिपो से एक नई बस चोरी होने का मामला सामने आया है। हालांकि, रास्ते में टायर पंचर होने के कारण चोर बस को बीच रास्ते में ही छोड़कर भाग निकले।

डिपो की सुरक्षा को दी खुली चुनौती

महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ कुछ शातिर चोरों ने राज्य परिवहन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए डिपो के भीतर खड़ी एक बिल्कुल नई बस पर हाथ साफ कर दिया। यह घटना किसी फिल्म की पटकथा जैसी लग रही है, लेकिन हकीकत में चोरों की पूरी योजना तब विफल हो गई जब एक छोटी सी कील ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। बस का टायर पंचर होने की वजह से चोरों को बस को रास्ते में ही लावारिस हालत में छोड़कर भागना पड़ा।

सोमवार की रात को हुई चोरी

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात सोमवार देर रात जामनेर एसटी डिपो के परिसर में अंजाम दी गई। बताया जा रहा है कि डिपो में यह बस हाल ही में शामिल की गई थी और अभी यह बिल्कुल नई स्थिति में थी। अगले दिन जब डिपो का स्टाफ काम पर पहुंचा, तो उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। पार्किंग में खड़ी बस अपनी जगह से गायब थी। डिपो में हड़कंप मचने के बाद तुरंत सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक अज्ञात व्यक्ति बड़ी सफाई से ड्राइवर की सीट पर बैठता है और बस को रिवर्स करते हुए वहां से बाहर ले जाता है।

सीसीटीवी से खुली पोल

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और उसके आधार पर सुराग जुटाने की कोशिश की। कुछ ही घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस को कामयाबी हाथ लगी। चोर बस को बहुत दूर तक नहीं ले जा सके थे, क्योंकि रास्ते में ही बस का एक टायर पंचर हो गया। टायर फटने के कारण बस को आगे ले जाना नामुमकिन हो गया था। इस अप्रत्याशित बाधा के चलते चोरों ने बस को एक गांव के पास सड़क किनारे छोड़ दिया और मौके से रफूचक्कर हो गए।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने जामनेर एसटी डिपो की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता और विभाग के भीतर भी अब यह चर्चा तेज है कि आखिर इतनी बड़ी सरकारी संपत्ति को डिपो से बाहर निकालने की हिम्मत चोरों ने कैसे जुटाई। लोगों का यह पूछना स्वाभाविक है कि बस के निकलते समय डिपो के सुरक्षा गार्डों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी। साथ ही, यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या डिपो से बाहर जाने वाली बसों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या एग्जिट एंट्री नहीं रखी जाती है? यदि नियम के अनुसार एंट्री होती है, तो इस मामले में चूक कहां हुई?

बढ़ती चोरी की घटनाओं से चिंता

स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड और डिपो के आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसने आम लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज में कैद संदिग्ध की पहचान करने में जुटी है और फॉरेंसिक साक्ष्य भी एकत्रित किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के पीछे इन लोगों का असली मकसद क्या था और डिपो की सुरक्षा में आखिर इतनी बड़ी सेंध कैसे लग गई। जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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