रामचंद्र दास कौन हैं, जिन पर आशुतोष ब्रह्मचारी ने लगाए गंभीर आरोप, जगद्गुरु रामभद्राचार्य से क्या है रिश्ता? उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 22
तुलसी पीठाधीश्वर और जगद्गुरु रामभद्राचार्य के आधिकारिक उत्तराधिकारी रामचंद्र दास इन दिनों आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोपों के चलते सुर्खियों में हैं। आइए जानते हैं कि रामचंद्र दास कौन हैं और पूरा विवाद क्या है।

लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने अब कई नए दावे किए हैं। उनके बयानों के केंद्र में इस बार रामचंद्र दास हैं, जिन्हें वे अपना पूर्व गुरु भाई बताते हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि अविमुक्तेश्वरानंद के विरुद्ध दर्ज कराए गए मामलों में उन्हें भ्रमित किया गया था।

आशुतोष ब्रह्मचारी ने क्या आरोप लगाए

आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ जो झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए, उनमें उन्हें गुमराह किया गया। उनके अनुसार इसके लिए रामचंद्र ने ही उन पर दबाव डाला था और इस पूरे प्रकरण में कई अधिकारी भी शामिल रहे।

मैं यह कहते हुए दुख महसूस कर रहा हूं कि ये कुकर्मी, ढोंगी, फ्रॉडी रामचंद्र दास, जो कभी मेरे गुरु भाई रहे हैं। उन पर गंभीर आरोप लगाने के मेरे पास कारण हैं। गुरुजी के प्रति मेरा सम्मान पहले भी था, आज भी है और जीवनभर रहेगा।

कौन हैं रामचंद्र दास

रामचंद्र दास प्रसिद्ध संत जगद्गुरु रामभद्राचार्य के आधिकारिक उत्तराधिकारी हैं और तुलसी पीठाधीश्वर के पद पर आसीन हैं। उनका मूल नाम जय मिश्रा है और वे उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के मूल निवासी हैं। बचपन से ही वे जगद्गुरु रामभद्राचार्य की सेवा से जुड़े रहे हैं।

हाल के दिनों में आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से लगाए गए अलग-अलग आरोपों के कारण रामचंद्र दास चर्चा में बने हुए हैं।

रामभद्राचार्य की कड़ी प्रतिक्रिया

इन आरोपों पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने इन बयानों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि यह उनकी और उनके शिष्य की छवि को धूमिल करने की कोशिश है।

एक और वीडियो में किए नए दावे

एक अन्य वीडियो संदेश में आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि वे सबसे पहले अपने घर और संत समाज के भीतर ही सुधार की शुरुआत करेंगे। इसी कारण उन्होंने अपनी प्रस्तावित ‘सनातन न्याय यात्रा’ को फिलहाल टालने का फैसला किया है।

उनका कहना है कि अभी उनका मुख्य लक्ष्य कथित आरोपों पर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा बाद में शुरू की जाएगी, लेकिन पहले रामचंद्र दास को जेल भिजवाएंगे।

आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले बटुकों के साथ कथित कुकर्म के मामले में प्रशासन ने संबंधित व्यक्ति को बचा लिया था और उनके गुरु के आशीर्वाद से वह बच निकला था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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