उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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उत्तर प्रदेश की पुलिसिंग और इसकी आपातकालीन सेवा यूपी 112 की चर्चा अब दूसरे राज्यों तक पहुंच गई है। क्राइम कंट्रोल और कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने के मकसद से अब पश्चिम बंगाल पुलिस उत्तर प्रदेश सरकार के इस मॉडल का बारीकी से अध्ययन कर रही है। इसी सिलसिले में पश्चिम बंगाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल यूपी 112 की कार्यप्रणाली को समझने के लिए लखनऊ पहुंचा।
लखनऊ पहुंचा बंगाल पुलिस का दल
उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था की सराहना लगभग हर राज्य में होती है। यही वजह है कि अपराध पर अंकुश और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बंगाल अब यूपी के अनुभव से सीख लेना चाहता है। जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस में आईजी रैंक के अधिकारी सुकेश जैन की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम यूपी 112 मुख्यालय पहुंची। यहां अधिकारियों ने केंद्रीकृत व्यवस्था को नजदीक से देखा और इसके संचालन को समझने की कोशिश की।
दौरे के दौरान बंगाल के अधिकारियों को पूरे कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, तकनीकी ढांचे और रिस्पांस मैकेनिज्म के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि किस तरह यूपी 112 का इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम तेज और असरदार ढंग से काम करता है।
शिकायत से समाधान तक दर्ज होता है पूरा ब्योरा
अधिकारियों ने खासतौर पर यह समझा कि इमरजेंसी कॉल आने के बाद सेंट्रलाइज्ड सिस्टम के जरिए कैसे तुरंत कार्रवाई की जाती है। अगर कोई लाइन व्यस्त होती है तो कॉल अपने आप दूसरी लाइन पर स्थानांतरित हो जाती है। इसके अलावा कॉलर की लोकेशन और मोबाइल नंबर के आधार पर सबसे करीबी यूपी 112 के दोपहिया या चारपहिया वाहन तक सूचना भेजी जाती है।
इसके बाद संबंधित घटना का एक इवेंट तैयार किया जाता है, जिसमें शिकायत से लेकर समाधान तक की पूरी जानकारी दर्ज की जाती है। यूपी 112 के अधिकारियों ने बंगाल के प्रतिनिधिमंडल को रिस्पांस टाइम की पूरी प्रक्रिया भी समझाई।
देश में सबसे बेहतर रिस्पांस टाइम
मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश में यूपी 112 का औसत रिस्पांस टाइम करीब 6 मिनट 30 सेकंड बताया जा रहा है, जिसे देश में सबसे बेहतर माना जाता है। यही कारण है कि दूसरे राज्यों की पुलिस भी इस मॉडल में रुचि दिखा रही है।
आधुनिक पुलिसिंग की ओर बढ़ता बंगाल
सूत्रों की मानें तो पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इस तरह के आधुनिक पुलिसिंग मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बंगाल पुलिस भी यूपी 112 की तर्ज पर अपने इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठा सकती है।
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