उत्तर प्रदेश
2 घंटे पहले
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। यहां आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत एक दर्जन से अधिक मरीजों को पांच-पांच स्टंट लगाने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने जांच कमिटी गठित कर पड़ताल शुरू कर दी है।
प्रशासन को यह प्रकरण संदिग्ध प्रतीत हुआ, जिसके चलते जांच कमिटी बनाई गई है। कमिटी की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि असल सच्चाई क्या है। बताया जा रहा है कि कई मरीजों में पांच से अधिक स्टंट लगाए जाने की हिस्ट्री मौजूद है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
कैंसर की दवाओं के घोटाले की जांच पहले से जारी
अस्पताल हाल ही में सामने आए कैंसर की दवाओं के कथित घोटाले की जांच पहले से ही कर रहा है। जांचकर्ता कई हार्ट स्टंट लगाए जाने और सरकारी हेल्थकेयर फंड के संभावित दुरुपयोग से जुड़ी अनियमितताओं की पड़ताल में जुटे हैं।
इसी कड़ी में वाइस-चांसलर कार्यालय ने पिछले एक साल में की गई सभी एंजियोग्राफी, हार्ट सर्जरी और कार्डियक इलाज की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मेडिकल सुविधाओं में एक दर्जन से अधिक मरीजों में से प्रत्येक को पांच-पांच स्टंट लगाए जाने के आरोप उभरने के बाद जांच आरंभ हुई। आशंका जताई गई कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी फंड का गंभीर दुरुपयोग हुआ है।
कुछ डॉक्टरों पर छुट्टी लेकर शहर छोड़ने की कोशिश का आरोप
जैसे-जैसे जांच ने रफ्तार पकड़ी, ऐसी खबरें सामने आईं कि मामले से जुड़े कुछ डॉक्टरों ने छुट्टी लेकर शहर से बाहर जाने का प्रयास किया। इसके जवाब में प्रशासन ने सभी संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दीं और उन्हें पूछताछ तथा दस्तावेज़ सत्यापन के लिए उपलब्ध रहने का निर्देश दिया है।
जांच के दौरान मिली शिकायतों के आधार पर अधिकारियों ने कुछ तृतीय-पक्ष कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही भी शुरू कर दी है, जबकि मामले से जुड़ी कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही केजीएमयू के अधिकारी हृदय रोगियों से भी प्रतिक्रिया एकत्र कर रहे हैं, जो जांचकर्ताओं द्वारा परखे जा रहे साक्ष्यों का हिस्सा बनेगी।
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