ट्रंप का बड़ा बयान: 'किसी न किसी रास्ते से' खत्म होगी ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा विश्व एक घंटा पहले 2
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ टकराव खत्म होने के करीब है और तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को समझौते से या किसी अन्य तरीके से रोका जाएगा। उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और घटती ऊर्जा कीमतों का भी जिक्र किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहा टकराव अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है और तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को 'किसी न किसी तरह' रोक दिया जाएगा। शुक्रवार को विस्कॉन्सिन के चिप्पेवा फॉल्स में कृषि से जुड़ी एक बैठक को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार संपन्न देश बनने से रोकने का अपना उद्देश्य बहुत हद तक पूरा कर लिया है।

परमाणु खतरे को खत्म करने का दावा

ट्रंप ने कहा कि उनका लक्ष्य परमाणु हथियार से उपजने वाले खतरे को समाप्त करना था और इसे किसी भी सूरत में होने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह काम बड़े हिस्से में पूरा हो चुका है और आने वाले समय में इसके नतीजे साफ दिखाई देंगे। उनके मुताबिक यह मामला या तो किसी समझौते के जरिए सुलझेगा या फिर किसी कठिन रास्ते से इसका हल निकलेगा।

राष्ट्रपति ने चल रही बातचीत या किसी संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई ब्योरा नहीं दिया। हालांकि उन्होंने यह संकेत जरूर दिया कि ईरान से जुड़े घटनाक्रम जल्द ही और स्पष्ट हो जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक ऐसे पड़ाव पर है जहां से वह बहुत जल्द ईरान के मसले से बाहर निकल आएगा और यह स्थिति बेहद मजबूत होगी।

ऊर्जा कीमतों और किसानों से जोड़ा मुद्दा

ट्रंप ने इस पूरी स्थिति को ऊर्जा बाजार और अमेरिकी किसानों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए खाद की कीमतें काफी घटने वाली हैं और इसके साथ ही ऊर्जा भी सस्ती होगी तथा तेल और गैस के दाम भी उल्लेखनीय रूप से कम हो जाएंगे। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि ईरान को लेकर बनी परिस्थिति का परिणाम आर्थिक दबाव घटाने में मददगार साबित होगा।

कृषि, व्यापार और अर्थव्यवस्था पर केंद्रित अपने विस्तृत भाषण में ट्रंप ने बार-बार दोहराया कि ऊर्जा की घटती कीमतें किसानों और ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए लाभदायक रहेंगी।

नौसैनिक कार्रवाई और नाकाबंदी का जिक्र

अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियानों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि ईरान की नौसैनिक संपत्तियों को भारी क्षति पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि अब ईरान के पास कोई नौसेना नहीं बची है और चार दिनों के भीतर 159 जहाजों को निशाना बनाया गया।

राष्ट्रपति ने इस अभियान को अमेरिकी सैन्य शक्ति का प्रमाण बताते हुए कहा कि संघर्ष के दौरान लगाई गई नाकाबंदी अभूतपूर्व थी और ऐसी नाकाबंदी पहले कभी देखने को नहीं मिली। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनका प्रशासन फिलहाल ईरान से जुड़े कुछ 'अधूरे कामों' को निपटाने में लगा हुआ है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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