लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने संभाली सेना के उप प्रमुख की कमान, चुनौतियों से भरा रहा है अब तक का करियर भारत 2 महीने पहले 72
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने आधिकारिक रूप से वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का पदभार ग्रहण कर लिया है। वे नियंत्रण रेखा से लेकर विदेशी धरती पर संयुक्त राष्ट्र मिशनों तक में अपनी विशिष्ट सेवाएं दे चुके हैं।

सेना के नए उप प्रमुख का कार्यभार

भारतीय सेना में बुधवार को एक बड़े बदलाव के तहत लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ यानी VCOAS के पद की जिम्मेदारी संभाल ली है। उनके सैन्य सफर की शुरुआत जून, 1988 में महार रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त करने के साथ हुई थी। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी यानी NDA के होनहार पूर्व छात्र रहे हैं। करीब चार दशक के अपने लंबे और गौरवशाली कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारतीय सेना में कई चुनौतीपूर्ण पदों पर रहकर अपनी कुशलता साबित की है।

विदेशी धरती और कठिन इलाकों में नेतृत्व

लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन को जटिल परिस्थितियों में काम करने का लंबा अनुभव है। उन्होंने अर्ध-रेगिस्तानी इलाकों में एक इन्फैंट्री बटालियन का नेतृत्व किया है। इतना ही नहीं, वे दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के दौरान भी अपनी कमान संभाल चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने एक इन्फैंट्री ब्रिगेड और उत्तरी कमान में काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स के साथ-साथ एक पिवट कोर का सफल नेतृत्व करके अपनी रणनीतिक क्षमता का परिचय दिया है।

आतंकवाद विरोधी अभियानों का लंबा अनुभव

उनके करियर की सबसे बड़ी विशेषताओं में आतंकवाद विरोधी अभियानों का व्यापक अनुभव शामिल है। वे नियंत्रण रेखा के दुर्गम क्षेत्रों से लेकर पूर्वोत्तर भारत के ऊंचे हिमालयी इलाकों में तैनात रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने इथियोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन के भीतर सैन्य पर्यवेक्षक के तौर पर भी अपनी भूमिका निभाई है। दक्षिण सूडान में एक सेक्टर का सफलतापूर्वक नेतृत्व करना उनके करियर के महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक माना जाता है।

दक्षिणी कमान में निभाई अहम भूमिका

लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति पाने के बाद उन्होंने उत्तरी कमान में एक कोर की कमान संभाली। इसके बाद उन्होंने दक्षिणी कमान मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्यभार संभाला। इस दौरान उन्होंने सेना के परिचालन तैयारियों, बल पुनर्गठन और क्षमता विकास को नई दिशा दी। बाद में उन्हें दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी दी गई थी।

शिक्षा और विशिष्ट सम्मान

लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने अपनी शैक्षणिक योग्यता और सैन्य प्रशिक्षण के लिए आर्मी वॉर कॉलेज से हायर कमांड कोर्स और केन्या से नेशनल डिफेंस कोर्स पूरा किया है। उनकी वीरता और विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और सेना मेडल से नवाजा गया है। पारंपरिक युद्ध कौशल और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थितियों में सैन्य तैयारियों के मामले में उनका अनुभव भारतीय सेना के लिए अत्यंत बहुमूल्य है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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